
NewDelhi : एचईजी के सीईओ रवि झुनझुनवाला फाइनैंशल इयर 2019 में अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रेम्यूनरेशन रैंकिंग यानी सैलरी रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गये हैं. पिछले साल के मुकाबले उनके वेतन-भत्ते में करीब तीन गुनी बढ़ोत्तरी हुई है. उन्हें 121.27 करेाड़ रुपये मिले, जो पिछले वित्त वर्ष से 180 फीसदी ज्यादा थे.
फाइट इलेक्ट्रोड्स बनाने वाली कंपनी एचईजी ने वित्त वर्ष 2019 में ग्रेफाइट के दाम में उछाल आने के बाद रेकॉर्ड प्रॉफिट दर्ज किया था. हालांकि कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर नजर रखने वालों ने कंपनी के शेयर प्राइस में बहुत ज्यादा गिरावट का हवाला देकर रवि के वेतन-भत्तों में बंपर बढ़ोतरी पर सवाल उठाया है.
अभी सभी कंपनियों ने अपनी ऐनुअल रिपोर्ट्स पब्लिश नहीं की हैं हो सकता है कि बाकी कंपनियों के आंकड़े आने पर झुनझुनवाला टॉप रैंक से फिसल जायें. इससे पहले वित्त वर्ष 2018 में टेक महिंद्रा के सीईओ सी पी गुरनानी 146 करोड़ रुपये के साथ टॉप पर थे. एचईजी के कर्मचारियों को मिले औसत वेतन-भत्ते से 4045 गुना ज्यादा रेम्यूनरेशन झुनझुनवाला को मिला. वित्त वर्ष 2019 में एचईजी की टोटल स्टाफ कॉस्ट (कमीशन शामिल नहीं) 198 करोड़ रुपये थी. वित्त वर्ष 2018 में झुनझुनवाला की सैलरी 43.33 करोड़ और वित्त वर्ष 2017 में 2.34 करोड़ रुपये थी.
प्रमोटरों की सैलरी बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए
जान लें कि उस साल सन टीवी के चेयरमैन कलानिधि मारन 87.5 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर थे. झुनझुनवाला के रेम्यूनरेशन में 118.81 करोड़ रुपये का कमीशन भी शामिल है जो कंपनी के नेट प्रॉफिट का 2.5% है. 2018-19 में अब तक रवि के बाद हीरो मोटोकॉर्प के सीएमडी पवन मुंजाल 81.41 करोड़ रुपये के रेम्यूनरेशन के साथ दूसरे नंबर पर हैं. वित्त वर्ष 2019 में एचईजी की नेट सेल्स 140% बढ़कर 6593 करोड़ रुपये हो गयी थी.
वहीं इसका नेट प्रॉफिट 175% बढ़कर 3026 करोड़ रुपये हो गया था. पिछले साल 16 अक्टूबर को 4950 रुपये का ऑल-टाइम हाई छूने के बाद से एचईजी का शेयर 81% गिर चुका है. इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज के फाउंडर और सीईओ श्रीराम सुब्रमण्यन ने कहा, प्रमोटरों की सैलरी बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए. उन्हें प्रॉफिट सभी शेयरधारकों में डिविडेंड के जरिए समान रूप से बांटना चाहिए.
इसे भी पढ़ेंः ऑटो सेक्टर में मंदी का दौरः नहीं घटी जीएसटी तो जा सकती है 10 लाख लोगों की नौकरी




