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देशभर से वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी से हड़कंप, मामले पर सुनवाई आज

कार्रवाई को लेकर विपक्ष हमलावर

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New Delhi: भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामलों को लेकर देश के कई शहरों में मंगलवार को पुणे पुलिस की छापेमारी और वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर बवाल मच गया है. एक ओर जहां मामले की कार्रवाई को लेकर हमलावर है, वही बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को लेकर सुनवाई होगी.

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पांच लोगों की गिरफ्तारी

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले को लेकर महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, दिल्ली और झारखंड के रांची में मंगलवार को छापेमारी की गई. साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरिया और वरनोन गोंजालवेस गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं. . पुणे पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की. दिल्ली, हरियाणा और हैदराबाद से 1-1 गिरफ्तारी की गई, जबकि मुंबई से 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

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गौतम नवलखा को लेकर सुनवाई

इधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि कथित गैरकानूनी गतिविधियों के लिये पुणे पुलिस द्वारा गिरफ्तार नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को दिल्ली से तब तक बाहर नहीं ले जाया जाए, जब तक कि बुधवार सुबह मामले पर सुनवाई नहीं कर ली जाती, क्योंकि उनके खिलाफ लगाए गए कुछ आरोप स्पष्ट नहीं हैं.

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विपक्ष हुआ हमलाव

देशभर में वामपंथी विचारकों के घरों हुई छापेमारी और गिरफ्तारी को लेकर लेफ्ट और कांग्रेस सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि भारत में केवल एक एनजीओ के लिए जगह है, जिसका नाम आरएसएस है. बाकी सारे एनजीओ को ताला लगा दो. सारे एक्टिविस्टों को जेल में डाल दो और जो इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं उन्हें गोली मार दो. नए भारत में आपका स्वागत है.

उल्लेखनीय है कि भीमा-कोरेगांव में जनवरी महीने में हुई हिंसा में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद चौंकानेवाला खुलासा हुआ था. पुणे पुलिस को एक आरोपी के घर से ऐसा पत्र मिला था, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या जैसी प्लानिंग का ही जिक्र किया गया था. इस पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की बात भी कही गई थी.

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