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BIG NEWS : “स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और उनके 59 चहेतों ने लिया कोरोना काल की करोड़ों की प्रोत्साहन राशि का अवैध भुगतान”

विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की, बन्ना बोले - सीएम को नहीं, पीएम से करें शिकायत

Jamshedpur :  कोरोना काल में बेहतर काम करनेवाले स्वास्थ्यकर्मियों को सरकार ने एक महीने का मूल वेतन प्रोत्साहन राशि के रूप में देने का फैसला किया था. लेकिन इसमें भी खेल हो गया. यह कहना है जमशेदपुर पूर्वी के विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री सरयू राय का. राय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना काल में स्वास्थ्यकर्मियों को दी जानेवाली प्रोत्साहन राशि खुद तो ली ही, अपने आप्त सचिवों, निजी, सहायकों  और अंगरक्षकों समेत 60 लोगों को भी प्रोत्साहन राशि दिलायी. इस पर सरकार का कुल 92 लाख 99 हजार रुपये व्यय हुआ. यह बात अलग है कि मंत्री के अपने शहर जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में अनुबंध पर काम करनेवाले स्वास्थ्यकर्मियों को आज तक प्रोत्साहन भत्ता का भुगतान नहीं हुआ है. सरयू राय ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि सरकार के संकल्प के अनुसार प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए अयोग्य कर्मियों का चयन करने के लिए अपने कोषांग के प्रधान के नाते आपकी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री स्वयं जिम्मेदार हैं. वे घोर वित्तीय कदाचार और अनियमितता के दोषी हैं. यह उनके भ्रष्ट आचरण का द्योतक है. सरयू राय ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे स्वास्थ्य विभाग की प्रासंगिक संचिका मंगाकर कर इस घोर वित्तीय अनियमितता के लिए स्वास्थ्य मंत्री पर कारवाई करें. इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री को स्वास्थ्य मंत्री सहित उनके कोषांग के अन्य कर्मियों द्वारा ली गयी अनुचित एवं अवैध प्रोत्साहन राशि की वसूली करने तथा दोषियों के विरुद्ध कारवाई करने की मांग की है.

संकल्प के अनुसार स्वास्थ्यकर्मियों को मिलनी थी राशि

बता दें कि झारखंड सरकार ने एक संकल्प (54(7) दिनांक 1.5.2021)  जारी कर “वैश्विक महामारी नोवल कोरोना वायरस  (Novel Corona Virus (COVID-19) से संबंधित कांटैक्ट ट्रेसिंग, टेस्टंग, सुपरविजन, कोविड अस्पताल तथा कोविड वार्ड में कार्यरत, कार्यालय तथा कंट्रोल रूम में कोविड से संबंधित कार्यों हेतु प्रतिनियुक्त चिकित्सा कर्मियों तथा चिकित्सकों को एक माह के मूल वेतन अथवा मानदेय के समतुल्य प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का फैसला किया था.  प्रोत्साहन राशि पाने के योग्य नियमित एवं संविदा कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित किया जाना था.

प्रोत्साहन राशि पानेवाले की पात्रता का स्पष्ट उल्लेख है

सरयू राय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मंत्री द्वारा बरती गयी इस अनियमितता की ओर उनका ध्यान दिलाया है, साथ ही मंत्री के अवैध आदेश पर राजकोष से कोविड महामारी के बहाने करोड़ों रुपये की राशि निकासी पर कार्रवाई की मांग भी की है. राय ने लिखा है कि सरकार के संकल्प की कंडिका 4 में प्रोत्साहन राशि पाने के योग्य कर्मियों के बारे में साफ तौर उल्लेख है. इसमें यह कहा गया है कि “वैसे चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी, जिनके द्वारा कोविड-19 में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया गया है, उन्हें यह प्रोत्साहन राशि नहीं दी जायेगी. यह भी साफ लिखा  है कि प्रोत्साहन राशि पाने के लिए कर्मी की पात्रता तय करने की पूरी जिम्मेवारी संबंधित कार्यालय प्रधान की होगी.”

मंत्री कोषांग ने मंत्री बन्ना सहित 60 नामों की सूची भेजी

विभागीय पत्र जिसमें मंत्री कोषांग के कर्मियों को प्रोत्साहन राशि देने पर होनेवाले खर्च की स्वीकृति है.

राय के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस बारे में गठित समिति ने जो प्रोत्साहन राशि की पात्रता श्रेणी में आनेवाले 94 स्वास्थ्य कर्मियों की सूची तैयार की. लेकिन स्वास्थ्य मंत्री के कोषांग से 60 अतिरिक्त नामों की सूची विभाग को भेजी गयी. इस सूची में मंत्री का नाम सबसे ऊपर अंकित है. सूची में माननीय स्वास्थ्य मंत्री के दो आप्त सचिवों, निजी सहायकों, चर्या लिपिकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों, सहायकों, आदेश पालकों, 8 वाहन चालकों, 4 सफाई कर्मियों और मंत्री की सुरक्षा में नियुक्त, प्रतिनियुक्त कुल 34 अंगरक्षकों एवं अन्य पुलिसकर्मियों का नाम भी प्रोत्साहन राशि पाने वालों में शामिल है.

विभाग ने मंत्री को नियम बताये, तो उन्होंने और एक नाम जोड़ दिया

सरयू राय ने कहा है कि विभागीय अधिकारियों ने संबंधित संचिका के पृष्ठ 29 और 30 पर अंकित टिप्पणी में इस बारे में नियमों से मंत्री को अवगत कराया. विभागीय समिति की कार्यवाही को संचिका के पत्राचार पृष्ठ 84-85 पर रखते हुए  मंत्री को वस्तुस्थिति की जानकारी देते हुए और संचिका के टिप्पणी पृष्ठ 38 पर इसका उल्लेख करते हुए संचिका मंत्री के पास सहमति के लिए दिनांक 4.3.2022 को भेजी गयी. सरयू राय ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री के पास संचिका गयी, तो उन्होंने प्रोत्साहन राशि पाने वालों की सूची में एक और नाम जोड़ने का आदेश दिया. वह नाम  झारखंड विधानसभा के एक टंकक का है, जिसकी प्रतिनियुक्ति उनकी गोपनीय शाखा में है. सरयू राय ने कहा है कि इससे साफ है कि स्वास्थ्य मंत्री के अनधिकृत दबाव में विभाग ने वित्तीय वर्ष के अंत में सूची में शामिल मंत्री सहित कुल 60 को प्रोत्साहन राशि का अवैध और अनधिकृत भुगतान किया. मंत्री ने स्वयं संबंधित संचिका के पृष्ठ 40 पर दिनांक 7.3.2022 को इस पर हस्ताक्षर किया है.

प्रोत्साहन राशि पानेवालों की सूची

  1. बन्ना गुप्ता – स्वास्थ्य मंत्री
  2. आसिफ इकराम – आप्त सचिव सरकारी
  3. ओमप्रकाश सिंह – आप्त सचिव बाह्य
  4. संजय ठाकुर – निजी सहायक
  5. प्रभात ठाकुर – निजी सहायक
  6. गुणानंद झा – चर्या लिपिक
  7. सुबोध कुमार शर्मा – निजी सहायक/स्टेनो
  8. रजी अहमद खान – कंप्यूटर ऑपरेटर
  9. नीरज कुमार – कंप्यूटर ऑपरेटर
  10. रॉकी सचिन एक्का – कंप्यूटर सहायक
  11. अनूप कुमार – आदेशपाल
  12. सुनील कुमार – चालक
  13. अनिल कुमार – चालक
  14. दशई यादव – चालक
  15. मझिया सांगा – चालक
  16. आशीष कुमार गुप्ता -आदेशपाल
  17. राजकुमार नाथ शाहदेव – चालक
  18. विजय कुमार – चालक
  19. मो मुदस्सीर अंसारी – चालक
  20. शंकर राम – चतुर्थवर्गीय कर्मी
  21. सविता देवी – सफाई कर्मी
  22. सुशील एक्का – सफाई कर्मी
  23. हेनरी मार्कोस कच्छप – सफाई कर्मी
  24. सरोज प्रसाद – सफाई कर्मी
  25. नारायण लोहार-  चालक
  26. कृष्णा उरांव – आरक्षी
  27. संतोष कुमार गुप्ता – एएसआई
  28. पवन राउत – सिपाही
  29. राजकुमार यादव – सिपाही
  30. अनमोल झा – एएसआई
  31. नोमान खान – हवलदार
  32. विजय सिंह – हवलदार
  33. कृष्ण मोहन महतो – सिपाही
  34. विपिन कुमार टेटे – सिपाही
  35. पौलुस किस्कू – सिपाही
  36. अनिल कुमार महतो – सिपाही
  37. श्यामलाल बुइयां – सिपाही
  38. अशरफ उद्दीन – सिपाही
  39. विनय कुमार महतो – सिपाही
  40. निरांत तमांग – हवलदार
  41. संतोष कुमार – हवलदार
  42. रितेश कुमार थापा – सिपाही
  43. आनंद विश्वकर्मा – सिपाही
  44. नरेश दसाई – सिपाही
  45. संजय थापा – सिपाही
  46. रूपेश कुमार सेन – सिपाही
  47. डेविड लेप्चा – सिपाही
  48. रमेश कार्की – सिपाही
  49. सुमन राई – सिपाही
  50. छोटेलाल उरांव – हवलदार
  51. मनोज सिंह – सिपाही
  52. ब्रह्मदेव मंडल – सिपाही
  53. विनय कुमार पासवान – सिपाही
  54. घासीराम मुर्मू – सिपाही
  55. प्रभु दयाल साह – सिपाही
  56. जगदीश राम – सिपाही
  57. जगरन उरांव – सिपाही
  58. कृष्ण चंद्र महतो – सिपाही
  59. रवि शंकर पंडित – सिपाही
  60. जितेंद्र रजक – प्रधान टंकक

उन्हें मुख्यमंत्री को नहीं, प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत करनी चाहिए. उन्हें कुछ काम नहीं है, केवल दूसरों को परेशान करना जानते हैं. वे जो भी आरोप लगा रहे हैं, उक्त मामले की मुझे किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है.
– बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य मंत्री, झारखंड

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