
- इमरजेंसी व कोविड सेवा पर किसी तरह का प्रभाव नहीं
Ranchi : राष्ट्रीय आईएमए के आह्वान पर झारखंड के चकित्सकों ने आज (11 दिसंबर) कार्य बहिष्कार किया है. इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई है. एलोपैथी के डॉक्टर आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी का का विरोध कर रहे हैं.
राज्य में इसका असर देखा जा रहा है. राज्य के अस्पतालों में कामकाज प्रभावित है. वहीं आइएमए के सदस्यों ने रिम्स में ओपीडी सेवा बंद की है. यही हाल राज्य के अन्य अस्पतालों का भी है. जहां इमरजरेंसी सेवाएं प्रभावित चालू है.
वहीं कोविड सेवाओं को भी चालू रखा गया. आइएमए के संयुक्त सचिव अजित कुमार ने बताया कि कुछ सेवाओं को बंद नहीं किया गया है. ऐसे ऑपरेशन जो जरूरी है, उन्हें नहीं टाला गया है. लेकिन जिसमें मरीज एक दिन सहन कर सकते है.
ऐसे ऑपरेशन को रोका गया है. वहीं इमरजेंसी ऑपरेशन चालू है. राज्य के सरकारी और निजी डॉक्टरों में कुल चार हजार डॉक्टर इसके समर्थन है.
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सीटों को घटाकर आयुर्वेद से ऑपरेशन कराना गलत
डॉ अजीत ने कहा कि सरकार का यह फैसला गलत है. बात सिर्फ युनानी और आयुर्वेदिक की नहीं है. एक ओर करोड़ों का ससंद भवन बनाया जाता है. और गरीबों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ के लिये आयुर्वेद के छात्रों से ऑपरेशन की अनुमति दी जाती है.
राज्य में एमबीबीएस की सीटों कम कर दी गयी है. जबकि कोई भी अधिकारी या नेता अपने परिजनों का इलाज आयुर्वेद डाॅक्टरों से नहीं कराते होंगे. यह लोगों की जान के साथ खिलवाड़ है.
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