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रेल यात्री ध्यान दें, देश के बड़े रेलवे स्टेशन से यात्रा करना इसी माह से हो सकता है महंगा

  • यूजर डेवेलपमेंट फी यानी (यूडीएफ) वसूल करने को दी जा सकती है मंजूरी

New delhi : अगर आप रेल यात्रा करते हैं तो ये खबर आपके काम की है. जल्द ही देश के बड़े रेलवे स्टेशन से रेल यात्रा महंगी हो सकती है. खबरों के मुताबिक, सरकार इसी महीने बड़े स्टेशन से यात्रा करने पर यूजर डेवेलपमेंट फी यानी (यूडीएफ) को मंजूरी दे सकती है.

इसके तहत रेल यात्रियों को टिकट पर 10 से 40 रुपये तक यूजर डेवलपमेंट फीस देनी पड़ सकती है. जानकारी हो कि देश में हवाई अड्डों को डेवलप करने में आने वाले खर्च को यात्रियों से यूजर डेवलपमेंट फीस के तौर पर किराये के साथ वसूला जाता है.

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ट्रेन की साइड बर्थ पर सफर अब होगा आरामदेह

वहीं रेलवे ऐसी व्यवस्था कर रहा है कि ट्रेन की साइड लोअर बर्थ पर (side lower berth of the train) सफर करनेवालों को अब कमर दर्द की शिकायत नहीं रहेगी. भारतीय रेल प्रशासन (Indian Railway) इस सीट को आरामदायक बनाने की तैयारी में है. इसके लिए रेलवे ने एक वीडियो शेयर कर बर्थ को आरामदायक बनाने का तरीका बताया है.

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आरएसी वाले यात्रियों को मिलती है ये बर्थ

इसमें दिखाया गया है कि साइड लोअर बर्थ के बीच बने गैप को भरने के लिए रेलवे ने एक गद्देदार पल्ला की व्यवस्था की है. इसे सीट के ऊपर रख देने से लोगों को किसी प्रकार की तकलीफ का सामना नहीं करना पड़ेगा. बता दें कि साइड लोअर बर्थ रिजर्वेशन अगेंस्ट कौसिलेंशन (आरएसी) वाले यात्रियों को आवंटित की जाती हैं.

कुछ यात्रियों ने ट्वीट करके रेल मंत्री से की थी शिकायत

इसमें दो यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती है. बीच रास्ते में बर्थ खाली होने पर आरएसी वाले एक यात्री को खाली बर्थ व दूसरे यात्री को साइड लोअर बर्थ आवंटित की जाती है. दोनों बैठने वाली सीट को जोड़ कर एक बर्थ बनायी जाती है.

जोड़ने की प्रक्रिया में बर्थ ऊंची नीची रह जाती है, जिससे उस पर सोने वाले यात्रियों की कमर में दर्द हो जाता है. कुछ यात्रियों ने ट्वीट करके भी रेल मंत्री से शिकायत की थी.

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लिडार से वाराणसी-नयी दिल्ली हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का सर्वेक्षण

इधर नेशनल हाई स्पीड रेल कार्पोरेशन लिमिटेड बनारस से नयी दिल्ली तक कॉरिडोर का जमीनी सर्वेक्षण हेलीकॉप्टर पर लगे लाइट डिटेक्शन एंड रेजिंग सर्वे (लिडार) तकनीक से किया जायेगा. इस तरह का पहला सर्वेक्षण मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में किया गया था.

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