
Ranchi: पूर्व गैंगस्टर स्व. किशोर पांडे की पत्नी निशि पांडे के खिलाफ क्राइम कंट्रोल एक्ट( सीसीए) के तहत पारित डीसी रामगढ़ के आदेश को चुनौती देने वाली क्रिमिनल रिट की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में शुक्रवार को हुई. कोर्ट ने प्रार्थी की याचिका को स्वीकृत कर लिया. साथ ही रामगढ़ डीसी द्वारा सीसीए के तहत निशि पांडे को 6 माह तक प्रतिदिन पतरातु थाना इंचार्ज के समक्ष हाजिरी लगाने संबंधी 21 जुलाई 2023 के आदेश को निरस्त कर दिया. प्रार्थी ने डीसी द्वारा थाने में प्रतिदिन हाजिरी लगाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. कोर्ट ने पिछले सुनवाई में राज्य सरकार से पूछा था कि निशि पांडे खिलाफ सीसीए लगाए जाने से संबंधित क्या केस बनता है. हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की है. इससे पहले प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विशाल त्रिवेदी एवं जितेंद्र एस सिंह ने कोर्ट को बताया था कि निशि पांडे के खिलाफ सीसीए का कोई मामला नहीं बनता है. उनके खिलाफ जो चार केस का जिक्र किया गया है, वह पुलिसकर्मियों द्वारा दर्ज कराया गया है. उसमें से दो केस में वह नमित नहीं है , बाकी दो केस इस तरह का नहीं है जिससे उन पर सीसीए लगाया जा सके. एक केस जिसमें उनका नाम है वह जमानतीय अपराध है. उक्त चारों केस किसी भी व्यक्ति विशेष ने उनके खिलाफ दर्ज नहीं किया है. प्राथमिक में उनके खिलाफ कहीं स्पेसिफिक आरोप नहीं है जिससे उनके खिलाफ सीसीए लगे. एंटी सोशल एलिमेंट्स जैसे मापदंड उन पर लागू नहीं होता है. इसलिए उनके खिलाफ सीसीए के तहत प्रतिदिन पतरातु थाना में हाजिरी लगाने के आदेश को निरस्त किया जाए.
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