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हातमा शराब कांड: उत्‍पाद विभाग के इंस्‍पेक्‍टर से सिपाही तक को बदलने की तैयारी, बड़े कारोबारी अब तक गिरफ्त से बाहर

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Ranchi: हातमा बस्ती में जहरीली शराब पीने से हुई 7 लोगों की मौत के बाद जहां उत्पाद विभाग अपनी जिम्मेवारी से बचने के लिए इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक को बदलने की तैयारी में है. वहीं दूसरी तरफ हातमा शराब कांड में शामिल अवैध शराब के बड़े कारोबारी को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पायी है और न ही अभी तक पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच पायी है.

विफल साबित हो रही है उत्पाद विभाग की टीम

अवैध शराब के धंधे पर नकेल कसने में रांची उत्पाद विभाग की टीम विफल साबित हो रही है. ऐसे में दूसरे जिले में काम कर रहे उत्पाद विभाग के अधिकारियों और पुलिसकर्मी की पोस्टिंग रांची में की जायेगी. जिसके चलते उत्पाद विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर फेरबदल की योजना बनाई गई है.

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प्रभार में चल रहा है सहायक उत्पाद आयुक्त का पद

रांची जिले में सहायक उत्पाद आयुक्त का पद पिछले 9 महीने से प्रभार में चल रहा है. इस साल जनवरी में सहायक उत्पाद आयुक्त उमाशंकर सिंह के सस्पेंड होने के बाद जनवरी महीने से मुख्यालय में पदस्थापित गजेंद्र सिंह को रांची जिले का सहायक उत्पाद आयुक्त का पद दिया गया है. जो कि वह पिछले 9 महीने से सहायक उत्पाद आयुक्त का पद संभाल रहे हैं.

शराब के बड़े कारोबारियों को पुलिस नहीं कर पा रही है गिरफ्तार

हातमा बस्ती में जहरीली शराब पीने से हुए 7 लोगों की मौत के बाद उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के विरुद्ध ताबड़तोड़ छापामारी अभियान चलाया गया. छापामारी में बड़ी मात्रा में कच्ची शराब और शराब बनाने के सामान भी बरामद किए गए. लेकिन, इस काम में शामिल बड़े अवैध शराब बनाने वाले कारोबारियों को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है.

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डोरंडा शराब कांड में सस्पेंड हुए थे सहायक उत्पाद आयुक्त

पिछले साल डोरंडा में नकली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद तत्कालीन सहायक उत्पाद आयुक्त उमाशंकर सिंह और डोरंडा के ऑफिसर इंचार्ज राणा प्रताप सिंह व नामकुम के राजेश प्रसाद रजक को सस्पेंड कर दिया गया था.

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नकली शराब की बिक्री पर नहीं लग पाई रोक

नकली शराब पीने से पिछले एक साल में रांची में लगभग 29 लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार के पर सवाल खड़े होने लगे हैं. दरअसल राज्य सरकार ने एक अगस्त, 2017 से राज्य में शराब का कारोबार अपने हाथों में लिया. वह भी यह कहकर की इससे नकली शराब की बिक्री पर लगाम लग सकेगी. लेकिन नकली शराब पर रोक नहीं लग पाई.

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