
Ranchi: गुमला के जिला योजना पदाधिकारी (डीपीओ) अरुण कुमार सिंह का विभाग ने गिरिडीह तबादला कर दिया है. वो गिरिडीह में सहायक योजना पदाधिकारी का पद संभालेंगे. इससे पहले वो गुमला में डीपीओ के पद पर थे. डीपीओ अरुण सिंह का मामला विधानसभा में उठा था. विधायक शिवशंकर उरांव ने साफ तौर से कहा था कि वो एक भ्रष्ट और दबंग किस्म के अधिकारी हैं. उनकी पैठ विभाग में काफी ज्यादा है. इसी वजह से उन्हें प्रमोशन मिल जाता है. विधायक ने डीपीओ के खिलाफ एसीबी जांच की भी मांग की थी. लेकिन साक्ष्यों के अभाव में प्रभारी मंत्री अमर बाउरी ने एसीबी जांच के लिए मना कर दिया था. बाद में पूरे मामले के जांच का जिम्मा वित्त विभाग के अपर सचिव सुखदेव सिंह को सौंपा गया था.
डीपीओ के खिलाफ क्या कहा था विधायक ने विधानसभा में
बीते सत्र के ध्यानाकर्षण में गुमला से बीजेपी विधायक शिवशंकर उरांव ने अपने ही जिले के जिला योजना पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह पर संगीन आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि कनीय होने के बावजूद उन्हें जिला योजना पदाधिकारी बना दिया गया. उनकी पहुंच इतनी है कि उन्हें नियम विरुद्ध दो बार प्रमोशन दे दिया गया. उनका कहना था कि सरकार ने इस मामले में उन्हें संतोषप्रद जवाब नहीं दिया है. वो बार-बार मामले की जांच एसीबी से कराने की मांग कर रहे थे. उन्हें जवाब देते हुए मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि साक्ष्य का अभाव रहने की वजह से वो एसीबी से जांच नहीं करा सकते हैं. आयुक्त या उपायुक्त की अध्यक्षता में जांच करायी जा सकती है. विधायक के संतुष्ट ना होने पर आखिर में योजना सह वित्त विभाग के अपर सचिव सुखदेव सिंह को पूरी जांच का जिम्मा दिया गया. लेकिन अभी तक विभाग की तरफ से जांच की कार्यवाही शुरू नहीं की गयी है.
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