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हेमंत सोरेन से आदित्य साहू ने ली शिबू सोरेन के स्वास्थ्य की जानकारी

स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर बाबूलाल ने उठाया सवाल

Ranchi: भाजपा प्रदेश महामंत्री एवम सांसद आदित्य साहू ने बुधवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. सांसद और झामुमो के संरक्षक शिबू सोरेन के स्वास्थ्य की जानकारी ली, कुशलक्षेम जाना. गौरतलब है कि स्वास्थ्य कारणों से शिबू सोरेन सर गंगाराम अस्पताल में दो सप्ताह से अधिक समय से भर्ती हैं. इस स्थिति में सीएम, उनके छोटे भाई बसंत सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली में जमे हुए हैं. पक्ष, विपक्ष के नेता लगातार हेमंत से मिलकर उनके पिता के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं. आदित्य साहू के साथ हेमंत से भेंट करने वालों में भाजपा के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ,विधायक शशिभूषण मेहता, प्रदीप प्रसाद, पूर्व विधायक अनंत कुमार ओझा, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ नेता शैलेन्द्र सिंह, मनोज दुबे भी शामिल थे.

अबुआ समाज के प्रति उपेक्षा और संवेदनहीनता
बाबूलाल मरांडी ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठाया है. कहा है कि झारखंड को एक अलग राज्य बनाने का उद्देश्य था कि ऐसा राज्य बने जहाँ आदिवासी समाज के अधिकार ही सरकार की प्राथमिकता हों और उनका सर्वांगीण विकास ही शासन का ध्येय हो. यह सपना था कि अबुआ समाज के प्रतिनिधि शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे मूल क्षेत्रों में समाज की ज़रूरतों को समझते हुए ऐसी नीतियाँ बनाएं जो हर आदिवासी को, झारखंड के मूल निवासी को, एक बेहतर भविष्य दें, ताकि हम देश की प्रगति में भी बराबरी से योगदान दे सकें. केंद्र की भाजपा सरकार के नेतृत्व में आज देश ने इतनी प्रगति कर ली है कि एक संथाल आदिवासी महिला भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं. लेकिन झारखंड की वर्तमान सरकार द्वारा अबुआ समाज के प्रति जो उपेक्षा और संवेदनहीनता दिखाई जा रही है, वह हर दिन राज्य की स्थापना के मूल उद्देश्य पर ही प्रश्नचिन्ह खड़ा कर देती है. भ्रष्टाचार, घोटाले और प्रशासनिक अनदेखी, ये सब तो हमने बिहार का हिस्सा रहते हुए भी झेला था, लेकिन आज हेमंत सरकार में भी वही सब दोहराया जा रहा है.
हर रोज़ ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं, जिनमें मरीज़ों को खाट पर लादकर अस्पताल तक पहुँचाया जा रहा है. ये दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को भीतर तक झकझोर देते हैं.
अमड़ापाड़ा प्रखंड की डूमरचीर पंचायत के बड़ा बास्को पहाड़ की एक तस्वीर बाबूलाल ने सोशल मीडिया पर साझा की है जिसमें एक मरीज़ को खाट पर लादकर लाया गया क्योंकि सड़क और एम्बुलेंस की कोई सुविधा नहीं थी. बाबूलाल ने इस पर निराशा जाहिर करते कहा कि वे प्रशासन और सरकार से बस इतना कहना चाहेंगे कि राजनीति और सत्ता से इतर भी कुछ ज़िम्मेदारियाँ होती हैं. कुछ समय के लिए उन ज़िम्मेदारियों और मानवीय संवेदनाओं को भी प्राथमिकता देकर देखिए, शायद इन विकट परिस्थितियों में जीवन जी रहे लोगों की पीड़ा और आपकी वास्तविक ज़िम्मेदारियाँ आपको समझ में आने लगें.

धान की रोपाई
बुधवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी गिरिडीह के कोदांईबांक गांव में अपने खेत में खुद धान की रोपाई करते नजर आए. साधारण वेशभूषा में खेत में काम करते हुए उन्होंने तस्वीर साझा की और लिखा कि
खेतों में काम करना उन्हें आत्मिक संतोष देता है. कृषि हमें आत्मनिर्भरता और जमीन से जुड़े रहने का भाव सिखाती है.

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