
Ranchi : ग्रामीण विकास विभाग के अनुदान मांग पर चर्चा करते हुए भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि पिछले 26 महीने से विकास योजना के उद्घाटन का नारियल नहीं फोड़ सके हैं. वजह साफ है कि इस अवधि में किसी भी योजना पर काम नहीं हुआ है. ग्रामीण विकास विभाग में सरकार महज 17 प्रतिशत राशि ही खर्च हो सकी है. कहा कि ग्रामीण सड़क के लिए पिछले बजट में 2000 करोड़ की व्यवस्था की गयी थी लेकिन खर्च मात्र 300 करोड़ हुआ.
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में पिछले बजट में मरम्मति के लिए 1500 किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया था लेकिन काम हुआ मात्र 108 किमी सड़क का. उन्होंने कहा कि यह रॉकेट वाली सरकार है. 12 महीने में काम नहीं हुआ लेकिन 12 दिन में यह सरकार राशि खर्च कर देगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से कई योजनाओं में राज्य सरकार को अनुदान मिलता है. दुर्भाग्य है कि इनमें से कई योजनाएं ऐसी हैं जिन्हें राज्य सरकार ने शुरू नहीं किया है.
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सरकार पंचायत चुनाव नहीं कराना चाहती
नवीन जायसवाल ने कहा कि सरकार पंचायत चुनाव नहीं कराना चाहती है. वर्ष 2020 से पंचायत चुनाव लंबित है. कहा कि इस बीच राज्य में दुमका, बेरमो और मधुपुर में विधानसभा उप चुनाव हो गये, पर पंचायत चुनाव न कराने के नाम पर कोरोना बहाना मिल गया. कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने पंचायत चुनाव में पिछड़ों को आरक्षण देने का गाइड लाइन जारी किया है. झारखंड में अबतक इसपर कोई काम नहीं हुआ. पिछली सरकार में 22865 किमी सड़क का निर्माण हुआ. यानी हर वर्ष 4573 किमी सड़क बनती थी. दुर्भाग्य है कि जब से यह सरकार बनी है मात्र 270 किमी सड़क का निर्माण हो रहा है. निविदा निकलने से 15 दिन पहले ही यह तय हो जाता है कि टेंडर किसको मिलना है.
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छोटे दुकानदारों को सरकार फांसी लगा रही है
उन्होंने कहा कि इस राज्य में चाय पान बेचनेवाले छोटे दुकानदारों को सरकार फांसी लगा रही है. यदि कोई दुकानदार पान-सिगरेट बेचता है और वह बिस्किट, पानी बेचेगा तो उस पर कानूनी करवाई की जायेगी. कहा कि सरकार गरीबों पर बुलडोजर चला रही है.
अधिकारी की नजर सरकार की चिट्ठी पर नहीं गांधी जी पर रहती है
नवीन जायसवाल ने सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस सरकार में अधिकारी सरकार की नहीं सुनते. अधिकारी की नजर सरकार की चिट्ठी पर नहीं बल्कि गांधी जी पर रहती है. जो जितना माल देता है उसका बोलबाला है इस सरकार में. नामकुम में आदिवासी सीओ आया उसने सरकार को टॉपअप रिचार्ज नहीं किया तो 3 महीने में ट्रांसफर हो गया. यहीं शुभ्रा रानी एक सीओ आयीं. गरीब आदिवासियों को लूटीं और महारानी बन कर चली गयीं.
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