
Ranchi : बेंगलुरु स्थित एनजीओ द/एनजे इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव फेलोशिप (आईएएफ) के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे, जिस पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस कार्यक्रम का उदेश्य प्रशासन में नवाचार और तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना है. बता दें कि कर्नाटक, पंजाब और केंद्र सरकार में आईएएफ के सफल प्रयोग से 18 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ मिला है. इस अवसर पर सीएम ने कहा कि झारखंड इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव फेलोशिप की शुरुआत राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है. हमारे पास प्राकृतिक संसाधन और प्रतिभाशाली आबादी है. नये अवसरों को अपनाने के लिए तैयार हैं. बता दें कि इस प्रोग्राम के तहत निजी क्षेत्र के अनुभवी पेशेवरों को 19 महीने के लिए राज्य की नौकरशाही के साथ मिल कर काम करने का मौका मिलेगा, ताकि राज्य के विकास में योगदान दिया जा सके. निजी क्षेत्र की यह साझेदारी झारखंड के लोगों के जीवन में बदलाव लाने का कार्य करेगी. इस समझौते के तहत चुने गये प्रशिक्षु महत्वपूर्ण सरकारी विभाग, मुख्य सचिव कार्यालय, वित्त, ग्रामीण विकास, कृषि, अनुसूचित जाति एवं जनजाति और अल्पसंख्यक विभाग के साथ मिल कर काम करेंगे.



