
Ranchi : पूर्व मंत्री सह झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि झारखंड के 8000 से अधिक अनुबंधित चिकित्साकर्मियों के नियमितीकरण के लिए सरकार को शीघ्र ही उच्च स्तरीय समिति का गठन करना चाहिए. समिति की रिपोर्ट के आधार पर इन सभी स्वास्थ्य कर्मियों को अविलम्ब स्थायी किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अपनी सेवा स्थायी करने की मांग पर अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी राजभवन के समक्ष आमरण अनशन पर बैठे हैं. उनमें से अधिकांश झारखंड के आदिवासी-मूलवासी ही हैं. अनशन पर बैठने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ रही है और उन्हें हॉस्पिटल में भी एडमिट कराना पड़ रहा है.
10 साल से ज्यादा समय कर रहे काम
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को लिखे गये अपने पत्र में कहा है कि वे लोग पिछले 10 साल से ज्यादा समय से कार्य कर रहे हैं. विभिन्न जिलों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही अस्पतालों में भी काम कर रहे हैं. वे एएनएम, जीएनएम, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट तथा अन्य पदों पर कार्यरत हैं. ऐसे कर्मचारियों की संख्या 8000 से अधिक है. बंधु तिर्की ने कहा कि यदि उनकी नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर के नियमों का पालन किया गया है और उनकी नियमानुसार नियुक्ति घोषित रिक्त पदों को भरने के लिए की गयी है तो फिर उनका नियमितीकरण समय की मांग है. चूंकि पहले भी ऐसे कर्मियों को चिन्हित करते हुए नियमितीकरण किया गया है.
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