
Ranchi: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा. कहा कि हेमंत सरकार अपने विरोधियों विशेषकर हिंदू समाज से जुड़े लोगों को साजिश के तहत फर्जी मुकदमों में फंसा कर जेल भेजने का प्रयास करती रही है. पिछले साढ़े पाँच वर्षों में ऐसे कई उदाहरण सामने आ चुके हैं, जहां निर्दोष लोगों को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर षड्यंत्र का शिकार बनाया गया है. राज्य सरकार इसी कड़ी में एक बार फिर रांची के युवा भैरव सिंह को एक नये फर्ज़ी मुकदमे में फंसाने की तैयारी कर रही है. भैरव सिंह से जुड़े जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे प्रथम दृष्टया संदेहास्पद प्रतीत हो रहे हैं. बाबूलाल ने कहा कि सरकार के इशारे पर षड्यंत्र करने वाले पुलिस अधिकारी कान खोलकर सुन लें कि आम जनता को झूठे मामले में फंसा कर जेल भेजना जितना आसान है, उसे न्यायालय में साबित करना उतना ही मुश्किल है. बेहतर होगा कि कानूनी दुष्परिणाम भुगतने से पहले ही लोगों को फंसाने से परहेज किया जाए. झारखंड की जनता कानून का सम्मान करती है और न्यायप्रिय है. जनता मुख्यमंत्री की तरह ग़लत काम करने और मुकदमेबाजी में न निपुण है, और न ही महंगे वकीलों के दम पर जांच एजेंसियों की जांच को लटकाने-भटकाने का प्रयास करती है. नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते कहा है कि पूर्वाग्रह छोड़कर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें और राज्य के युवाओं का भविष्य बर्बाद होने से बचाएं.
आशा लकड़ा ने भी उठायी निष्पक्ष जांच की मांग
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ आशा लकड़ा ने भी भैरव सिंह के मामले में उचित जांच की अपेक्षा की है. कहा है कि सनातनी समाज के लिए निरंतर आवाज उठाने वाले भैरव सिंह को फंसाने की लोगों ने आशंका जाहिर की है. प्रशासन से निवेदन है कि वे राजनीतिक दबाव में न रहें, निष्पक्ष जांच करें.




