
Ranchi: पुराने जर्जर स्कूल भवनों की जांच का आदेश उपायुक्त रांची ने जारी किया है. उपायुक्त के आदेशानुसार जिला के सरकारी और गैर सरकारी सभी स्कूल भवनों की जांच की जायेगी. उपायुक्त राय महिमापत रे की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जिला के सरकारी और गैर सरकारी स्कूल भवन के क्षतिग्रस्त होने के बाद भी पठन पाठन कार्य हो रहा है. जिससे किसी भी वक्त छात्रों और शिक्षकों को जानमाल की हानि उठानी पड़ सकती है. इस पत्र में कहा गया है कि शिक्षा विभाग की ओर से पहले भी इस संदर्भ में आदेश निकाला गया था. जिसमें जर्जर स्कूल भवनों को तोड़ने का आदेश दिया गया था. लेकिन फिर भी जिला में जर्जर भवनों में स्कूलों को चलाया जा रहा है. अधिक बारिश होने से इन स्कूलों के गिरने की आशंका अधिक है.
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अत्यंत जर्जर भवनों की मरम्मत संभव नहीं
वैसे स्कूल भवन जो अधिक जर्जर हों और जिनकी मरम्मत नहीं की जा सकती हो, वैसे स्कूलों को स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया है. बताया गया है कि अधिक पुराने स्कूल भवनों को मरम्मत से भी ठीक नहीं किया जा सकता. वहीं जिन स्कूलों को मरम्मत कर ठीक किया जा सकता है, उनकी जल्द से जल्द मरम्मत की जानी चाहिए. नहीं तो घटनाएं कभी भी हो सकती हैं. इससे संबधित आदेश पूर्व में निकाले जा चुके हैं.
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टीम गठित कर की जायेगी जांच
उपायुक्त की ओर से स्कूल भवनों की जांच की जिम्मेवारी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को दी गयी है. टीम गठित कर जिला के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की जांच की जायेगी. इसके लिए 15 जुलाई तक का समय दिया गया है. इसी समय तक अधिक जर्जर भवनों में संचालित स्कूलों को भी स्थानंतरित कर लिया जायेगा. जांच के बाद भी अगर किसी स्कूल भवन में दुर्घटना होती है तो इसकी व्यक्तिगत जिम्मेवारी तय करने के लिए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जायेगी.
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