
Dhanbad: बीआइटी सिंदरी में एमटेक 02 वर्षीय कोर्स के अंतर्गत 10 स्पेशलाइजेशन में नामांकन होना है. जिसमें 03 नये स्पेशलाइजेशन (i) मेटलर्जिकल और मेटेरियलस् इंजीनियरिंग (ii) मेटेरियल इंजीनियरिंग (नेनो टेक्नोलॉजी) तथा (iii) इंस्ट्रूमेंटल एंड कंट्रोल ( एप्लाइड इंस्ट्रूमेंटेशन) की शुरूआत हो रही है. बीआइटी निदेशक ने बताया कि बीआइटी संस्थान विज्ञान के छात्रों को भी अभियंत्रण के क्षेत्र में नामांकन लेने एवं अवसर प्रदान करने जा रही है. कहा कि ये सभी स्पेशलाइजेशन एमटेक कोर्स की विशेषता है कि ये इंटरडिसिपिलनरी (interdisciplinary) कोर्स हैं जिनमे BE/B.Tech के अलावे M.Sc. उत्तीर्ण छात्र भी नामांकन ले पायेंगे.
बीआइटी सिंदरी संस्थान के निदेशक डा० डी० के० सिंह ने आज बुधवार को प्रेसवार्ता कर इन कोर्सों के आवश्यकता को विस्तार से बताया. उन्होंने ने बताया कि एम. टेक (इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग) रोजगार क्षेत्र: इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल इंजीनियरों के लिए करियर की असंख्य संभावनाएं हैं. इंस्ट्रुमेंटेशन इंजीनियरों की सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्रों में भी बहुत मांग है. विभिन्न रासायनिक उद्योगों, ऊर्जा कंपनियों, तेल अन्वेषण और शोधन केंद्रों, रेलवे, निर्माण कंपनियों, दूरसंचार क्षेत्रों, बिजली उत्पादन, इस्पात निर्माण कारखानों, रक्षा सेवाओं, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण कंपनियों,, बिजली संयंत्रों, गुणवता परीक्षण प्रयोगशालाओं, सॉफ्टवेयर डिजाइन कंपनियां, अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, आदि जैसे विविध क्षेत्रों से शीर्ष भर्तीकर्ता है. इनके अलावा, स्नातकोत्तर भी व्याख्याता के रूप में काम कर सकते हैं या अनुसंधान और विकास क्षेत्र में अपना कैरियर शुरू कर सकते हैं (पीएचडी कार्यक्रम लेकर).
बीआइटी निदेशक ने बताया कि इन सभी स्पेशलाइजेशन एमटेक कोर्स की ट्युशन शुल्क वार्षिक लगभग 7700/- एवं एसी-एसटी छात्रों का 1925 नामांकन के पश्चात् GATE उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को 12500/- प्रति माह छात्रवृत्ति भी दिया जाता है. वहीं दो कोर्स मेटलर्जिकल और मेटेरियलस इंजीनियरिंग एवं मेटेरियल इंजीनियरिंग (नेनो टेक्नोलॉजी ) के विषय पर धातु अभियंत्रण के विभागाध्यक्ष डा० बी०एन० राय द्वारा जानकारी प्रदान की गयी. इन्होंने इस कोर्स के उद्योग आधारित आवश्कता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला. जबकि, अमित गुप्ता विभागाध्यक्ष रसायनिक अभि० विभाग एवं डा० अशोक वर्णवाल ने इंस्ट्रूमेंटल एंड कंट्रोल ( एप्लाइड इंस्ट्रूमेंटेशन) स्पेशलाइजेशन पर जानकारी प्रदान की. उद्योगों में इस कोर्स की महत्ता को विस्तृत रूप से बताया.
प्रेष वार्ता की शुरूआत डा० चंदन कुमार पा० अधिविधि पीजी द्वारा सभी सदस्यों के स्वागत से हुआ. प्रेसवार्ता के दौरान सभी कोर्स में नामांकन की प्रक्रिया बताते हुए कहा गया कि (i) मेटलर्जिकल और मेटेरियलस् इंजीनियरिंग (ii) मेटेरियल इंजीनियरिंग (नेनो टेक्नोलॉजी) तथा (iii) इंस्ट्रूमेंटल एंड कंट्रोल ( एप्लाइड इंस्ट्रूमेंटेशन) कोर्स के लिए नामांकन की Eligibility इस प्रकार से है. मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग/मेकेनिकल इंजीनियरिंग, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग/एमएससी फिजिक्स अथवा समानांतर मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग-मेकेनिकल इंजीनियरिंग इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन/इंस्ट्रमेंटेशन इंजीनियरिंग/एमएससी फिजिक्स, कैमिस्ट्री अथवा समानांतर तथा एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग-बॉयोटेक्नोलॉजी/इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग/कैमिकल इंजीनियरिंग/पेट्रोलियम इंजीनियरिंग/ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग/ पॉलिमर इंजीनियरिंग अथवा समानांतर
नामांकन संबंधी विस्तृत जानकारी संस्थान के वेबसाइट www.bitsindri.ac.in पर उपलब्ध है. आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने की तिथि दिनांक 30.09.2022 तक विस्तारित की जायेगी. प्रेषवार्ता धन्यवाद ज्ञापन के साथ समाप्त हुई.
क्या है एमटेक इंस्ट्रूमेंटेशन और कंटोल इंजीनियरिंग
अमित गुप्ता विभागाध्यक्ष रसायनिक अभि० विभाग एवं डा० अशोक वर्णवाल ने इंस्ट्रूमेंटल एंड कंट्रोल ( एप्लाइड इंस्ट्रूमेंटेशन) स्पेशलाइजेशन पर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इंस्ट्रुमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग (आईसीई) में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी एक एप्लाइड शाखा है और इलेक्ट्रिकल, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की एक इंटरडिसिप्लिनरी शाखा है. आईसीई, उद्योगों में उपयोग किए जाने वाले स्वचालित उपकरण या मशीनों के उपकरण, नियंत्रण, डिजाइन और संचालन के क्षेत्र में विशेषज्ञता है. पहला, इंस्ट्रूमेंटेशन की माप और नियंत्रण की कला और विज्ञान के रूप में परिभाषित किया गया है. इंस्ट्रूमेंटेशन एक तकनीक है जो भौतिक मात्रा/प्रक्रिया घर जैसे प्रवाह, तापमान, स्तर, या दबाव को मापता है और/या नियंत्रित करता है. दूसरा, कंट्रोल इंजीनियरिंग पूर्वानुमानित व्यवहार के साथ सिस्टम को डिज़ाइन करने के लिए नियंत्रण सिद्धांत लागू करता है. पाठ्यक्रम छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. आईसीई में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी की अवधि दो साल है. पाठ्यक्रम को चार सेमेस्टर और छः वैकल्पिक विषयों में विभाजित किया गया है. दूसरे वर्ष के लिए छात्रों को एक प्रोजेक्ट, सेमिनार और शोध प्रबंध पूरा करने की आवश्यकता है. आईसीई की उद्योग क्षेत्र में बहुत अच्छी संभावना है. एक इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल इंजीनियर के रूप में करियर बहुत ही चुनौतीपूर्ण और फायदेमंद है. एक स्नातकोत्तर किसी भी उद्योग में उत्पादकता, स्थिरता, विश्वसनीयता और उपकरणों के अनुकूलन में सुधार के लिए जिम्मेदार है. नियंत्रण और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियर यह सुनिश्चित करते हैं कि औद्योगिक उपकरण और मशीनरी सुरक्षित और कुशलता से काम करें। वे कार्यालय, प्रयोगशाला, कारखाने में, या तीनों में काम कर सकते हैं. एम. टेक (इंस्ट्रुमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग) योग्यताः उम्मीदवारों का स्नातक जैसे, बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग / बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी इन रासायनिक/ पेट्रोलियम / उपकरण और नियंत्रण / विदयुतीय / इलेक्ट्रानिक्स या समकक्ष डिग्री पूरी होनी चाहिए.
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