JharkhandLead NewsNEWSRanchi

झारखंड में 2022 में ईडी सुपरएक्टिव :  सीएम पूछताछ से लेकर विधायक प्रतिनिधि के गढ़ तक में सेंध, जो पुलिस न कर सकी ED ने कर दिखाया

Chandi Dutta Jha

Ranchi: झारखंड में अवैध कारोबार से जुड़े ज्यादातर जांच-पड़ताल की कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ही कर रही है, जबकि इससे पहले होने वाले बड़े-बड़े घोटालों की छानबीन या छापेमारी में पुलिस, विलिजेंस, सीबीआई ही नजर आती थी. लेकिन साल 2022 में ईडी झारखंड में सुपरएक्टिव रही. राज्य में आर्थिक अपराध की छानबीन से जुड़ी एजेंसी यानी ईडी वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत एक विशेष वित्तीय जांच एजेंसी है. झारखंड में इस साल ईडी का दायरा इतना अधिक बढ़ गया है कि हर बड़े घोटाले का खुलासा अब ईडी ही कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने भी PMLA के तहत ईडी की गिरफ्तारी, तलाशी और जब्ती से जुड़ी शक्तियों को कायम रखा है. कोर्ट ने साफ कहा है कि गिरफ्तारी के लिए ईडी को आधार बताना जरूरी नहीं है. सियासी मामलों में ED की कार्रवाई से झारखंड में हंगामा मचा हुआ है. झारखंड में 1000 करोड़ के अवैध खनन की जांच में सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ से लेकर आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल, सीएम के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा, प्रेम प्रकाश तक की गिरफ्तारी ED की है. मनरेगा घोटाले में आरोपी तत्कालीन खुंटी डीसी पूजा सिंघल को ED ने गिरफ्तार किया था.

ED के एक्शन से कई प्रभावशाली को हुई जेल

ED के एक्शन से पहली बार एक साल के भीतर कई प्रभावशाली लोगों को जेल जाना पड़ा है. इनमें आईएएस पूजा सिघल, सीएम के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा, प्रेम प्रकाश, सुमन सिंह कई अन्य लोग शामिल हैं. पूजा सिंघल मनरेगा घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अरेस्ट हुए, जबकि पंकज मिश्रा अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अरेस्ट हुए. मनरेगा घोटाले में आईएएस पूजा सिंघल के सीएम सुमन के ठिकाने से 19.31 करोड़ रुपए कैश और दस्तावेज जब्त किए गए थे. अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने बीते 17 नवम्बर को झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ की थी. ईडी को पंकज मिश्रा के ठिकाने से सीएम का चेकबुक और पासबुक भी मिला था. हालांकि सीएम की ओर से इस संबंध में ईडी को यह बताया गया है कि चुनाव के दौरान ये चेकबुक उन्होंने पंकज मिश्रा के पास रखे थे. करीब 10 घंटे पूछताछ के बाद सीएम ईडी कार्यालय से निकले. ईड़ी ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेज सीएम से मांगा था. जो बीते मंगलवार को ईडी कार्यालय भेजा गया. बरहरवा टोल प्लाजा मामले में पुलिस अधिकारी से ईडी टीम पूछताछ करना चाहती है. हालांकि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर ईडी के ज्यूरीडिक्शन को चुनौती दी है, इसी एलएलपी का हवाला देकर पुलिस अधिकारी से पुछताछ नही करने के लिये ईडी से कहा गया है. राज्य सरकारों के पास ऐसा कोई कानून नहीं है, जिससे वे ED की दखल को रोक सकें.

Related Articles

Back to top button