
Ranchi: बिहार की राजधानी पटना में आतंकी कनेक्शन के संदेह में रिटायर्ड दरोगा मो जलालुद्दी की गिरफ्तारी के बाद झारखंड का गिरीडीह एक बार फिर सुर्खियों में है. गिरिडीह में स्लीपर सेल होने की आशंका बन गई है. इसे ध्यान में रखते हुए झारखंड पुलिस भी अब रिटायर्ड दरोगा मामले की अपने स्तर से पड़ताल में जुट गई है. झारखंड की राजधानी रांची से 190 किलोमीटर दूर गिरीडीह हाल के दिनों में सुर्खियों में रहा है. लश्कर ए तैयबा से जुड़े एक युवक को यूपी एटीएस की टीम ने पकड़ा था.
बीते अप्रैल माह में मुखिया प्रत्याशी साकिर हुसैन के नामांकन के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए. ऐसे मामले सामने आने से पुलिस और खुफिया तंत्र की सक्रियता पर सवाल खड़े होते हैं. गिरीडीह में लगातार आतंकी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं. अब रिटायर्ड दरोगा का पीछे का चेहरा जिस तरह से आतंकी एजेंट के रूप में सामने आया है, उससे जिले में स्लीपर सेल होने की आशंका बढ़ गई है. आरोपी दरोगा वर्षों से पीएफआई समेत अन्य संगठनों के संपर्क में था. आरोपी दरोगा ने पुलिस को पूछताछ में 8 हजार युवकों को पीएफआई से जोड़ने की जानकारी मिली है. आरोपी आतंकी गतिविधि में कब से शामिल था, क्या गिरीडीह के अन्य लोगों को भी संगठन से जोड़ा है, क्या विभाग से जुड़े खुफिया जानकारी भी लीक की है. इस तरह के कई सवालों के जवाब जांच एजेंसिया ढूंढ रही हैं.
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रिटायर्ड होने के बाद चलाने लगा आतंक का पाठशाला
बिहार के पटना पुलिस ने बीते बुधवार को आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए झारखंड पुलिस का रिटायर्ड दरोगा मो जलालुद्दीन और अतहर परवेज को गिरफ्तार किया है. सिपाही के पद पर नियुक्त मो जलालुद्दीन झारखंड के गोड्डा, रांची, हजारीबाग जिले में तैनात रहे. दारोगा में प्रोन्नति मिलने के बाद गिरिडीह में जलालुद्दीन 20 नवंबर 2018 से 27 जनवरी 2021 तक भेलवाघाटी थानापभारी रहे. 30 अप्रैल 2021 को गिरीडीह से रिटायर्ड होने के बाद पटना में एक एनजीओ के नाम पर देश विरोधी मुहिम चलाने लगा. पटना पुलिस को इनके पास से विदेशों से फंडिंग मिलने की जानकारी मिली है. आरोपी दरोगा स्थानीय जिला स्तर, राज्य स्तर ,राष्ट्रीय स्तर के पीएफआई, आरएसडीपीआई के सक्रिय सदस्य के रूप में आयोजित बैठक में भाग लेता था. पुलिस को छापेमारी में पीएफआई का झंडा, पंपलेट ,बुकलेट एवं 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के लिए मुहिम चलाने से संबंधित दस्तावेज मिला है.
तीन माह पहले पकड़ाया था आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े गिरीडीह का युवक
12 मार्च 2022 को यूपी के सहारनपुर के देवबंद से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े इनामुल हक उर्फ इनाम इम्तियाज को गिरफ्तार किया था. इनामुल हक उर्फ इनाम इम्तियाज गिरीडीह जिले गावां थाना क्षेत्र के पतना गांव का रहने वाला है. 12 मार्च को ATS ने देवबंद के मोहल्ला खानकाह में स्थित नजमी हॉस्टल से इनामुल्हक सहित तीन युवकों को पकड़ा था. ATS ने इनामुल के सोशल अकाउंट को खंगाला तो चौंकाने वाले तथ्य मिले थे. इनामुल आतंकी संगठनों के साथ मिलकर भारत को दहलाने वाला था. वह भारत में विभिन्न धार्मिक स्थानों पर विस्फोट करने की मंशा बनाए बैठा था. जिसकी ट्रेनिंग के लिए वह पाकिस्तान में जाने वाला था और स्लीपर सेल भी तैयार कर रहा था.
राज्य में बांग्लादेश के आतंकी संगठन JMB भी सक्रिय
बांग्लादेश के आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिद्दीन (JMB) ने देशभर में व्यापक नेटवर्क बनाया है. झारखंड सहित कई अन्य राज्यो में संगठन अनेक युवकों को स्लीपर सेल के रूप में जोडक़र कामकाज कर रहा है. वर्ष 2019 में एनआईए ने 5 राज्यों में जेएमबी के 125 सिदिग्धों की लिस्ट तैयार की थी. इन राज्यो में झारखंड, असम, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक का नाम शामिल है. एनआईए के अनुसार जेएमबी देश में तेजी से पैर पसार रहा है.
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