
Ranchi: गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अनियमितता कर सरकार को लाखों का नुकसान पहुंचाया गया है. मामले पर झाप्रसे सेवा के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अंजना दास पर जांच के बाद कार्रवाई की गयी है. उनके ऊपर लघु दंड के तहत दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का आदेश दिया गया है. नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए निकाली गयी निविदा में जमकर धांधली की गयी, टेंडर कमेटी में वित्त विभाग से किसी भी पदाधिकारी को इसकी जानकारी नहीं दी गयी बैठकों में उन्हें बुलाया भी नहीं गया.
मामला 2015-16 का ही है, अब जाकर जांच पूरी हुई और अधिकारी पर कार्रवाई की गयी है. निकाय क्षेत्र में नगर परिषद क्षेत्र में एलईडी लाइट लगाने में अनियमितता, नगर परिषद क्षेत्र में डस्टबीन लगाने में अनियमितता, सोनपुरवा बस स्टैंड गढ़वा के जिर्णोद्धार कार्य में अनियमितता करने की बात सामने आयी. पूरे मामले पर स्पष्टीकरण पूछा गया था, विभागीय कार्यवाही भी संचालित है. सारे आरोपों की समीक्षा के बाद सरकार ने कार्रवाई का आदेश दिया है.
इस तरह का आरोप
स्ट्रीट पोल पर एलईडी लाइट लगाने के निविदा प्रकाशन के पहले कार्य का कोई प्राक्कलन नहीं बनाया गया. लाइट की गुणवत्ता, विवरणी भी नहीं दी गयी. जबकि इसी आधार पर काम दिया जाता है. प्राक्कलन नहीं होने पर मूल्य का कंपेयर नहीं हो सका दूसरे कंपनियों से. आपूर्ति की सामग्री भी काफी ज्यादा थी.
लोहे का छोटा डस्टबीन के लिए निविदा आमंत्रित की गयी थी. लेकिन आपूर्ति में बड़ा ड्रम लिया गया. कंपेयर चार्ट में यह पाया गया कि दीपक इंटरप्राइजेज द्वारा बड़ा ड्रम का दर 2878 एवं छोटे का दर 1478 अंकित किया गया है. दूसरे आपूर्तिकर्ता द्वारा अंकित दर 2972 रुपये में यह स्पष्ट नहीं हे कि यह बड़े या छोटे ड्रम का रेट है. दीपक इंटरप्राइजेज द्वारा किस प्रकार छोटे ड्रम के बजाए बड़े ड्रम की आपूर्ति की गयी यह स्पष्ट नहीं हुआ. निविदा की शर्तो का भी उल्लंघन हुआ.
इसी तरह सोनपुरवा बस स्टैंड गढ़वा के जीर्णोद्धार कार्य के निविदा यश ट्रेडिंग कंपनी को मात्र इस आधार पर काम दिया गया कि गढ़वा नगर निगम में निबंधित है, जबकि उक्त द्वारा पैन कार्ड एवं इनकम टैक्स रिर्टन व वैट रिर्टन नहीं दिया गया है, जबकि ये शर्ते अनिवार्य है.




