
Ranchi : झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में नीट का रिजल्ट जारी होने के बाद भी एडमिशन शुरू नहीं हो सका है. यहां आठ मेडिकल कॉलेज हैं जहां के एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट के रैंक के आधार पर होता है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामला होने की वजह से झारखंड में एडमिशन नहीं लिया जा रहा है. जबकि तमिलनाडु, गुजरात, असम, कर्नाटक, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने अपने यहां एडमिशन के लिए काउंसलिंग करा भी ली. झारखंड में एडमिशन काउंसलिंग कब होगा इसके लिए इंतजार करना होगा.
क्यों है झारखंड में पेंच
झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए नीट के रिजल्ट के बाद स्टेट मेरिट लिस्ट के आधार पर होता है. यह स्टेट मेरिट लिस्ट झारखंड कंबाइंड एग्जामिनेशन बोर्ड बनाती है. स्टूडेंट्स से एप्लीकेशन लिया जाता है फिर इसके आधार पर स्टेट मेरिट लिस्ट बनती है. यहां एक एम्स है, जहां सेंट्रल मेरिट लिस्ट के आधार पर एडमिशन होता है. बाकि में स्टेट मेरिट लिस्ट के आधार पर एडमिशन होता है. लेकिन एक नवंबर को रिजल्ट जारी होने के बाद भी झारखंड ने स्टेट मेरिट लिस्ट बनाने के लिए एप्लीकेशन प्रक्रिया शुरू नहीं की है. जबकि छह से अधिक राज्यों ने अपने यहां मेरिट लिस्ट जारी कर एडमिशन भी ले लिए है. झारखंड सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहा है.
जानिये, क्यों शुरू नहीं हो सकी है एडमिशन काउंसलिंग
नीट रिजल्ट के आधार पर देशभर के मेडिकल कॉलेजों की 15 फीसदी सीट पर सेंट्रल मेरिट लिस्ट से और शेष 85 फीसदी सीट पर स्टेट मेरिट लिट्स के आधार पर एडमिशन होता है. कुछ राज्यों ने 85 फीसदी सीट के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर ली. जबकि कई राज्य अब तक शुरू नहीं कर पाए हैं.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में वर्तमान में मूल्यांकन कर रहा है कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए ईडब्ल्यूएस कोटे की 8 लाख रुपये की सीमा कितनी व्यवहार्य है. मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी 2022 को होगी. बता दें कि अभी ईडब्ल्यूएस श्रेणी की सीटें उनके लिए सुरक्षित हैं जिनकी पारिवारिक आय आठ लाख रुपये से कम है. यदि ईडब्ल्यूएस कोटा संशोधित किया जाता है, तो इससे उन उम्मीदवारों की संख्या भी बदल जायेगी जो कोटा से लाभ उठाने के योग्य होंगे और कॉलेज प्रवेश को प्रभावित करेंगे. इस वजह से एडमिशन काउंसलिंग के लिए फैसले का इंतजार चल रहा है.
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झारखंड के सात मेडिकल कॉलेजों में हैं 830 सीट
नीट स्कोर के आधार पर झारखंड में एडमिशन की बात करें तो यहां सात मेडिकल कॉलेज हैं. जहां स्टेट मेरिट लिस्ट से एडमिशन होता है. एम्स देवघर में सेंट्रल मेरिट लिस्ट से एडमिशन लिया जाता है. यहां 50 सीटों में एडमिशन होता है. स्टेट मेरिट लिस्ट के आधार पर जहां एडमिशन मिलता है उसमें से छह कॉलेज झारखंड सरकार चलाती है. वहीं एक प्राइवेट कॉलेज है. राज्य सरकार की ओर से जो कॉलेज चलाये जाते हैं वे एमजीएम जमशेदपुर, पीएमसीएच धनबाद, रिम्स रांची, दुमका मेडिकल कॉलेज दुमका, पलामू मेडिकल कॉलेज पलामू और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज हजारीबाग हैं. जो प्राइवेट कॉलेज है वो मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज बारीडीह जमशेदपुर है. इन सात मेडिकल कॉलेज में 780 सीट है. एम्स को जोड़कर सीटों की संख्या 830 है.
ऐसी है सीटों की संख्या
एमजीएम जमशेदपुर : 100
पीएमसीएच धनबाद : 50
रिम्स रांची : 180
दुमका मेडिकल कॉलेज दुमका : 100
पलामू मेडिकल कॉलेज पलामू : 100
हजारीबाग मेडिकल कॉलेज हजारीबाग : 100
मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज बारीडीह जमशेदपुर : 150
एम्स देवघर : 50




