
Ranchi: बहुचर्चित चारा घोटाला से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया. आरसी 20A/96 चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले के दूसरे पूरक मामले में 17 आरोपियों में से 16 को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है.
11 दोषियों को तीन साल की सजा
चाईबासा कोषागार से अवैध मामले में आर सी 20/96 में 16 दोषियों में 11 दोषियों को 3 साल सजा,5 दोषियों 4 साल की सजा और अधिकतम 7 लाख न्यूनत्तम 25 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है.
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वहीं इस मामले में ट्रायल फेस कर रहे एक आरोपी शेरून निशा की खराब तबीयत होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी.
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसएन मिश्रा की अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसले की तारीख बुधवार निर्धारित की थी.
20 आरोपियों के खिलाफ बाद में दाखिल किया गया था आरोप पत्र
मिली जानकारी के अनुसार, चाईबासा कोषागार से लगभग 37 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में सीबीआई ने 20 आरोपियों के खिलाफ बाद में आरोप पत्र दाखिल किया था.
लालू प्रसाद समेत 46 अभियुक्तों को अदालत ने सजा सुनाई है. मामले की सुनवाई के दौरान ही तीन आरोपियों का निधन हो गया है.
इन आरोपियों के खिलाफ पूरक अभिलेख के तहत मामले की सुनवाई चल रही है. वहीं मूल अभिलेख का निष्पादन सितंबर 2013 में हो चुका है. जिसमें लालू प्रसाद समेत 46 अभियुक्तों को अदालत ने सजा सुनाई है.
चाईबासा कोषागार अवैध निकासी के 17 आरोपी
चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र के तहत धोखाधड़ी और सरकारी पद का दुरुपयोग करने का आरोप है.
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इस मामले में दवा आपूर्तिकर्ता अनिल कुमार सिंह, संजीव कुमार बासुदेव, मोहम्मद सईद, सलाउर्र रहमान सहित कुल 17 आरोपी हैं.
मामले में 18 फरवरी 2019 को सूचक दिल्ली में पदस्थापित प्रशासनिक अधिकारी अमित खरे की गवाही पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपियों के बयान दर्ज किया था.
इन्हें हुई सजा
उमेश दुबे, महेंद्र कुमार कुंदन, आदित्य जोरदार, विमल कुमार अग्रवाल, बृज किशोर अग्रवाल, राम अवतार शर्मा, राजेंद्र कुमार हरित, संजीव कुमार बासुदेव, किशोर कुमार झा, बसंत कुमार सिंह, मधु, अपर्णीता कुंडू, सहदेव प्रसाद, लालमोहन गोप, भरतेश्वर नारायण लाल और अनिल कुमार को सजा सुनाई गई.
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