
Bengaluru: कर्नाटक में सियासी संकट क्लाइमैक्स पर है. 13 विधायकों के बाद राज्य में इस्तीफे की बाढ़ सी आ गयी है. खबर है कि कांग्रेस कोटे के सभी मंत्रियों ने प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.
वहीं डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने भी अपना त्याग पत्र दे दिया है. इसे बागी विधायकों को मनाने की कोशिश में उठाया गया कदम बताया जा रहा है.
कांग्रेस कोटे के मंत्रियों का इस्तीफा
कनार्टक में कुमारस्वामी की सरकार अल्पमत में दिखायी दे रही है. पहले 13 विधायकों ने इस्तीफा दिया. फिर निर्दलीय विधायक ने समर्थन वापस ले लिया.
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अब खबर है कि कांग्रेस कोटे के जितने भी मंत्री हैं, उन्होंने भी पद छोड़ दिया है. ऐसे में राज्य में सियासी संकट चरम पर है.
निर्दलीय MLA का BJP को समर्थन
इधर कर्नाटक की जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन वाली सरकार से सर्मथन वापस ले चुके निर्दलीय विधायक नागेश ने बीजेपी को समर्थन दे दिया है.
इसको लेकर उन्होंने राज्यपाल को चिट्ठी लिख दी है. निर्दलीय विधायक नागेश ने राज्यपाल से मिलकर अपना समर्थन सरकार से वापस लिया. इसी के साथ ही वह मुंबई के लिए रवाना हो गए हैं.
वेट एंड वाच मोड पर भाजपा
इधर कर्नाटक में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम पर बीजेपी की पैनी नजर है. पार्टी सूत्रों की मानें तो पार्टी फिलहाल वेट एंड वाच मोड में है.
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बीजेपी को उम्मीद है कि अभी और भी इस्तीफे आ सकते हैं. इसलिए पार्टी अभी इंतजार के मोड में है. इस बीच अब भारतीय जनता पार्टी ने आज शाम नेताओं की बैठक बुलाई है, जिसमें मौजूदा हालात पर चर्चा होगी.
हालांकि, फिलहाल विधानसभा स्पीकर ने विधायकों के इस्तीफे स्वीकार नहीं किये हैं. स्पीकर रमेश कुमार का कहना है कि वो फिलहाल छुट्टी पर हैं, और मंगलवार को इस पर विचार करेंगे.
गौरतलब है कि इस्तीफे के बाद से ही कुमारस्वामी सरकार बागी विधायकों को मनाने की कोशिश में है. लगातार बैठकों का दौर जारी है.
कांग्रेस ने फिलहाल अपने कोटे के सभी मंत्रियों से इस्तीफे ले लिए हैं ताकि असंतुष्टों को शामिल किया जा सके. हालांकि अब भी बागी विधायक वापस लौटने को तैयार नहीं दिख रहे.
शिकारी पार्टी है भाजपा- अधीर
इधर कर्नाटक संकट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार को बीजेपी पर आरोप लगाते हुए ‘शिकारी पार्टी’ बताया है.
लोकसभा में पार्टी के नेता चौधरी ने संसद भवन में परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम संसद में कर्नाटक का मुद्दा उठाएंगे. यह स्पष्ट है कि भाजपा एक शिकारी पार्टी है.’’ पार्टी ने लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कार्यस्थगन प्रस्ताव भी दे रखा है.
गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा के 13 विधायकों ने पिछले कुछ दिनों में इस्तीफा दिया है. इनमें से 10 विधायक कांग्रेस के हैं, जबकि 3 विधायक जद (एस) के हैं. गत शनिवार को इस्तीफा देने वाले 11 विधायकों में से कई विधायक मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं.
संख्या बल के आधार पर देखें तो राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में सत्ताधारी गठबंधन का संख्या बल विधानसभा अध्यक्ष के अलावा 118 (कांग्रेस-78, जद(एस)-37, बसपा-1 और निर्दलीय-2) है. इसमें वे विधायक भी शामिल हैं, जिन्होंने इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष ने अभी तक स्वीकार नहीं किए हैं.
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