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Flash Back: चुनाव में मदद नहीं करने पर एनोस ने PLFI से करवा दी थी पारा टीचर मनोज कुमार की हत्या

Ranchi: विधानसभा चुनाव में मदद नहीं करने के कारण एनोस एक्का ने पारा टीचर मनोज कुमार की हत्या पीएलएफआई के उग्रवादियों से करवा दी थी. 26 नवंबर 2014 को सिमडेगा पुलिस ने एनोस एक्का को गिरफ्तार करके जेल भेजा था. जेल भेजने के समय पुलिस ने एनोस एक्का के खिलाफ जो आरोप लगाये थे, उसमें कहा गया था कि एनोस एक्का के द्वारा मृतक मनोज कुमार को लगातार धमकी दी जा रही थी. एनोस एक्का शिक्षक मनोज कुमार को चुनाव में अपने पक्ष में प्रचार करने के लिए दवाब बना रहे थे. क्योंकि मृतक का स्थानीय पारा शिक्षकों और ग्रामीणों के बीच खासा प्रभाव था. लोकसभा चुनाव के दौरान भी एनोस एक्का ने पीएलएफआई का सहयोग लिया था.

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जानकारी के मुताबिक सिमडेगा पुलिस के पास एनोस एक्का के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिले थे. एनोस एक्का ने पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप से बात की थी. पुलिस के पास बात-चीत का ब्यौरा उपलब्ध था. इसके अलावा पीएलएफआई के बारुद गोप से हुई बातचीत का ब्यौरा भी पुलिस के पास उपलब्ध था. जिसमें एनोस एक्का द्वारा पारा शिक्षक मनोज कुमार को मारने के लिए बोला जा रहा था. कोलेबिरा थाना के प्रभारी बृज कुमार ने एनोस एक्का की गिरफ्तारी के साथ जो अरेस्ट मेमो तैयार किया था, उसके मुताबिक मृत शिक्षक मनोज कुमार का स्थानीय ग्रामीणों और पारा शिक्षकों के बीच अच्छा खासा प्रभाव था. इसी प्रभाव को देखते हुए एनोस एक्का ने मृतक मनोज कुमार को अपने पक्ष में प्रचार करने के लिए दवाब बनाया था. लेकिन पारा टीचर मनोज कुमार किसी भी स्थिति में एनोस एक्का के पक्ष में चुनाव प्रचार करना नहीं चाहते थे. इसी कारण एनोस एक्का ने पीएलएफआई के कमांडर बारुद गोप के साथ मिलकर पारा टीचर मनोज कुमार की हत्या करवा दी.

बारुद गोप की गवाही को कानूनी पेंच में फंसाया

पारा टीचर की हत्या के बाद पुलिस ने सबसे पहले एनोस एक्का को गिरफ्तार किया था. जिसके कुछ दिन बाद पुलिस ने पीएलएफआई उग्रवादी बारुद गोप को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद बारुद गोप ने अदालत में आवेदन देकर यह कहा था कि वह मामले में एनोस एक्का के खिलाफ गवाही देना चाहता है औऱ सरकारी गवाह बनना चाहता है. इस बिंदु को एनोस एक्का ने कानूनी पेंच में लंबे समय तक फंसाये रखा. एनोस एक्का ने बारुद गोप की गवाही होने ही नहीं दी. इस दौरान बारुद गोप को मैनेज करने की कोशिश भी की गयी. हालांकि हाई कोर्ट के आदेश पर बारुद गोप का बयान अदालत में दर्ज किया गया. जिसके आधार पर एनोस एक्का को सजा हुई है.

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