
Hazaribagh : हजारीबाग पुलिस ने सोशल मीडिया पर झूठे एवं भ्रामक वीडियो के जरिए सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में कई लोगों पर कार्रवाई की है. सोशल मिडिया पर पोस्ट से समाज में विद्वेष उत्पन्न करने के आरोप में 15 व्यक्तियों के विरुद्ध हजारीबाह सदर थाना पुलिस ने कार्रवाई की है. जिसमें लोहसिंघना थाना क्षेत्र के निखिल कुमार, विजय प्रसाद, सुमन कुमार, रोहित कुमार, आदित्य कुमार, मनीष कुमार, कटकमदाग थाना क्षेत्र के मोहन कुमार, योगेद्र कुमार, बड़कागांव थाना क्षेत्र के अनिल कुमार सहित अरसद आलम, मो इकराम कुरैशी, बबलू कुमार, जुलू जुल्फी व मो इश्तियाक का नाम शामिल है.
हजारीबाग पुलिस ने जिलावासियों से अपील है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाहें नहीं फैलाए तथा अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों की सूचना पुलिस को दें.
पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे ने बताया कि कई पुराने तथा एडिट किए हुए वीडियो हजारीबाग और बरही के वीडियो बताकर सोशल मीडिया पर गलत ढंग से भेजे जा रहे हैं. वैसे वीडियो को पोस्ट करने वाले लोगों को भी चिन्हित कर उनपर कड़ी कार्रवाई की जा रही हैं.
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क्या है मामला
हजारीबाग के बरही के लखना दुलमहा में मां सरस्वती की मूर्ति विसर्जन के दौरान दो पक्षों के लोगों के बीच हुए विवाद में पिपरघोघर (नई टांड) निवासी 17 वर्षीय रूपेश कुमार पिता सिकन्दर पांडेय की मौत हो गई थी. इसके बाद भीड़ उग्र हो गई. आक्रोशित लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों के घर और वाहनों में आग लग दी. जैसे ही पुलिस थाने को इसकी सूचना मिली वैसे ही हिंसा प्रभावित इलाकों में सैंकड़ों की संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई.
अफवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह और चतरा जिले में इंटरनेट सेवाओं को रविवार देर रात बंद कर दिया गया था.
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