Chaibasa : किरीबुरु के महावीर चौक स्थित संतोष जायसवाल नामक इलेक्ट्रिकल दुकान में शाम लगभग पांच बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से भीषण आग लग गयी. इस घटना में संतोष जायसवाल का दुकान व घर जलकर पूरी तरह खाक हो गया. उन्हें करीब 15 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है. इस घटना में संतोष जायसवाल की पत्नी करीब 65 फीसदी झुलस गयी है. उसे इलाज के लिए सेल अस्पताल किरीबुरु में भर्ती कराया गया, जहां से उसे टाटा मेन अस्पताल जमशेदपुर रेफर कर दिया गया. भीषण आग से दुकान व घर का सारा समान जलकर राख हो गया, लेकिन दीवार पर टंगी भगवान विष्णु की तस्वीर जलने से बच गयी. यह लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
गैस सिलेंडर फटने से घर की छत उड़ी

बताया जाता है कि दुकान के अंदर भारी मात्रा में बिक्री करने के लिए पेट्रोल रखा हुआ था. इस कारण आग इतनी तेजी से फैली और विकराल रूप धारण कर लिया. आग की वजह से घर के अंदर रखा एक गैस सिलेंडर भी फट गया, जिससे घर की छत उड़ गयी. आग बुझाने के लिए पास स्थित सीआरपीएफ कैंप के जवान पानी का टैंकर लेकर आये और आसपास के लोगों ने अपने-अपने घरों से बालू, मिट्टी, पानी आदि से आग बुझाने का प्रयास किया. काफी देर बाद सेल का पानी टैंकर पहुंचा और आग पर काबू पाया गया.
किरीबुरु में पंप नहीं होने से दुकानों में बिकता है पेट्रोल
बता दें कि किरीबुरु में एक भी पेट्रोल पंप नहीं होने के कारण दुकानदार बड़ाजामदा या बड़बिल से गैलन में पेट्रोल लाकर अपनी दुकानों में रखते हैं. वे इसे प्रति लीटर 10 रुपये का मुनाफा लेकर बेचते हैं. संतोष की दुकान में भी पेट्रोल रखा था. इस कारण अधिक नुकसान हुआ. दुकान मालिक संतोष के अनुसार लगभग 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. संतोष ने बताया कि वे घटना से कुछ देर पहले अपने बेटे का एक्स-रे कराने सेल अस्पताल किरीबुरु गये थे. उनकी पत्नी दुकान में थी. दुकान में ठंड की वजह से हीटर जल रहा था और पास में मोबाईल फोन चार्ज में लगा था. किसी का फोन आने पर पत्नी ने चार्जिंग का तार खोल कर फोन रिसीव किया. आशंका है कि वह तार हीटर के संपर्क में आ गया, जिससे आग लग गयी. दुकान में पांच लाख रुपये के कीमती मोबाइल फोन सेट, टेलीविजन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल के सामान थे. विभिन्न बैंकों से लोन लेकर सामान खरीदा गया था. घर व दुकान जलने से संतोष का पूरा आशियाना ही उजड़ गया. छत तक नहीं बची. ऊपर से पत्नी की जान पर बनी है.
सारंडा में सेल की छह खदानें, मगर एक भी दमकल नहीं
सारंडा में सेल जैसी महारत्न कंपनी की छह खदानें किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुवा, चिड़िया, बोलानी, काल्टा हैं. सभी खदानें लगभग 5 से 30 किलोमीटर की परिधि में हैं, लेकिन किसी भी खदान में दमकल वाहन नहीं है. जबकि हर साल सेल की विभिन्न खदानों में भीषण आग लगती है. अनेक बार दमकल वाहन खरीदने की मांग सेल प्रबंधन से होती है, लेकिन प्रबंधन को शायद यह बेकार की चीज लगती है.
इसे भी पढ़ें – छठी JPSC मामले में सुनवाई टली, 17 जनवरी के बाद मिलेगी तारीख




