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बड़कागांव #BDO और उसकी पत्नी पर नाबालिग से मारपीट के आरोप में #FIR, #DC ने बनायी जांच टीम

Ranchi/Barkagaon: हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) राकेश कुमार और उनकी पत्नी पर उनके ही घर में काम करने वाली नाबालिग बच्ची के साथ मारपीट करने के मामले मामला दर्ज कर लिया गया है.

इस मामले में सदर थाना में नाबालिग के बयान के आधार पर मामला दर्ज हुआ है. नाबालिग ने अपने बयान में बीडीओ राकेश कुमार और उनकी पत्नी पर चोरी का झूठा आरोप लगाते हुए मारपाटी करने और गर्म आयरन से जलाने की बात कही है.

इससे पहले सोशल मीडिया पर बच्ची और उसके घरवालों का बयान वायरल हो गया था. सबसे पहले न्यूज विंग ने इस खबर की पड़ताल करते हुए खबर प्रकाशित की थी. इसके दूसरे ही दिन मामले पर कार्रवाई हुई. और थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है.

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डीसी हजारीबाग ने बनायी टीम

न्यूज विंग से बात करते हुए हजारीबाग के डीसी बीपी सिंह ने कहा कि मामले को लेकर हजारीबाग प्रशासन गंभीर है. जांच के लिए अपर समाहर्ता और ट्राइबल अफसर की टीम बनायी गयी है. साथ ही डीसी ने बताया कि लड़की शायद ट्राइबल है. इसलिए हर एंगल को देखना होगा कि कहीं ट्राइबल एक्ट का तो कोई मामला नहीं बनता.

उन्होंने बताया कि चाइल्ड वेलफेयर मेम्बर को भी जांच के लिए बच्ची के पास भेजा गया है. सीएस ने भी इलाजरत नाबालिग बच्ची के लिए तीन लोगों की टीम बनायी है. सभी जांच रिपोर्ट के आते ही प्रशासन कार्रवाई करेगा.

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बेलन से मारा और गर्म आयरन से जलाया

नाबालिग बच्ची ने अपने बयान में कहा है कि सात सितंबर को बीडीओ राकेश कुमार के ऑफिस जाने के बाद उनकी पत्नी ने नाबालिग पर 200 रुपए चोरी का आरोप लगाया. आरोप लगाने के बाद बीडीओ साहब की मैडम हिंसक हो गयीं. उन्होंने पहले तो बेलन से पिटायी की, फिर बाद में गर्म आयरन से नाबालिग के हाथ और सीने को जला दिया.

साथ ही शाम में जब बीडीओ ऑफिस से घर आए तो मैडम के कहने पर बीडीओ साहब ने फिर से नाबालिग की चप्पल से पिटायी की. आयरन से जलाए जाने के बाद जब नाबालिग की तबियत बिगड़ी तो उसने अपने घर जाने की बात कही. लेकिन बीडीओ साहब ने उसे घर जाने नहीं दिया.

झोलाछाप डॉक्टर को घर बुलाकर करा रहे थे इलाज 

वहीं 19 दिनों तक घर में बंद रखने के बाद 25 सिंतबर को बीडीओ राकेश कुमार ने सुबह ऑफिस जाते वक्त नाबालिग को साथ लिया और उसे बड़कागांव ब्लॉक मोड़ के पास गाड़ी से उतार कर घर जाने को कहा.

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रांची में हुआ इलाज, फिलहाल हजारीबाग सदर अस्पताल में भर्ती

नाबालिग बच्ची के परिजनों के अनुसार, पिछले चार महीने से नाबालिग बच्ची बीडीओ राकेश कुमार के घर पर काम कर रही थी. किसी विनय कुमार मेहता ने बच्ची को 3500 रुपया महीने की सैलरी पर रखा था. इसी दौरान करमा पूजा के दिन 200 रुपए चोरी का आरोप लगाकर बीडीओ राकेश कुमार और उनकी पत्नी ने बच्ची को जमकर पिटाई की.

बच्ची ने बीडीओ की पत्नी पर सर के बाल नोचने का भी आरोप लगाया है. साथ ही कहा कि पिटायी की वजह से चेहरे पर कई निशान हो गए हैं. इलाज के लिए घरवाले बच्ची को पहले रांची और बाद में फिर से हजारीबाग सदर अस्पताल ले गए.

बीडीओ ने चुप रहने के लिए किया था घर और एक लाख देने का वादा

नाबालिग बच्ची के परिजनों के अनुसार, जब इस बात की जानकारी बीडीओ राकेश कुमार को हुई, तो उनकी पत्नी ने बच्ची को लाने वाला एजेंट विनोद कुमार मेहता के घर गयीं. और बच्ची के घर जाकर उसके परिजनों को एक लाख रुपया और घर देने की बात कही.

और साथ ही किसी से यह बात नहीं करने का भी आग्रह किया. बाद में बच्ची की जब स्थिति खराब होने लगी. तो परिजनों ने उसे सदर अस्पताल में भर्ती करवाया.फिर बच्ची के साथ हुए हादसे की सारी जानकारी मीडिया और चाइल्ड सोसायटी के लोगों को दी.

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