
Hazaribag : बड़कागांव ब्लॉक के बीडीओ राकेश कुमार पर अपने घर में काम करने वाली नाबालिग लड़की के ऊपर 200 रुपये की चोरी का आरोप लगाकर पीटने का आरोप लगा है.
यह आरोप नाबालिग के परिजनों के द्वारा लगाया गया है. परिजनों का आरोप है कि बीडीओ ने पिटाई करने के बाद बच्ची को 15 दिन तक घर में बंद करके रखा. चार दिन पहले बेहोशी की अवस्था में बड़कागांव ब्लॉक मोड़ के पास फेंक कर फरार हो गये.
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4 महीने पहले बीडीओ के यहां काम करने गयी थी नाबालिग
बच्ची के परिजनों के अनुसार 4 महीना पहले वह बीडीओ राकेश कुमार के घर पर काम करने के लिए गयी थी. विनय कुमार मेहता नामक व्यक्ति के द्वारा उसे 3500 रुपये महीना की सैलरी पर रखा गया था.
इसी दौरान करमा पूजा के दिन 200 रुपये चोरी का आरोप लगाकर बीडीओ राकेश कुमार और उनकी पत्नी ने बच्ची की जमकर पिटाई की. जी नहीं भरा तो बच्ची के सिर के बाल उखाड़ दिये.
उसके बाद गरम आयरन कर सीना पर रखकर जलाया गया. उसके बाद भी मन नहीं भरा तो बच्ची को रॉड गर्म कर चेहरे में कई निशान बना दिये जिसके बाद बच्चे बेहोश हो गयी.
बच्ची को बेहोश देखकर बीडीओ और उनकी पत्नी ने अपने घर में ही छुपा दिया और बाहर से दवाई लाकर देने लगे. जब बच्ची की स्थिति बिगड़ने लगी तो चार दिन पहले बड़कागांव के ब्लॉक मोड़ के पास फेंक कर फरार हो गये.
आसपास के लोगों ने बच्ची के परिजनों का पता करके नाबालिग बच्ची को उसके परिजनों को सौप दिया.
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एक लाख रुपये और घर देने की बात कहकर मुंह बंद रखने को कहा
नाबालिग बच्ची के परिजनों के अनुसार जब इस बात की जानकारी बीडीओ राकेश कुमार हुई तो उनकी पत्नी ने बच्ची को लाने वाला एजेंट विनोद कुमार मेहता के घर जाकर बच्ची के परिजनों को एक लाख रुपया और घर देने की बात कही और किसी से यह बात नहीं करने की आग्रह किया.
बाद में बच्ची की जब स्थिति खराब देखकर परिजनों ने सदर अस्पताल में अपनी सारी जानकारी मीडिया और चाइल्ड सोसायटी के लोगों को दी.
थाना प्रभारी बोले, जानकारी नहीं
इस मामले में जब बड़कागांव थाना प्रभारी से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि हमें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है.
इसके अलावा इस मामले को लेकर बड़कागांव बीडीओ राकेश कुमार से भी संपर्क करने की कोशिश की गयी लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया.
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