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गड़बड़झालाः झारखंड में 65 हजार बीपीएल किसानों ने बेचा 400 से 1000 क्विंटल तक धान, अब हो रही है जांच

Ranchi: राज्य में धान खरीद की प्रक्रिया 15 दिसंबर से खाद्य आपूर्ति विभाग शुरू करेगा. अभी किसानों के रजिस्ट्रेशन का काम चल रहा है. विभाग इस बार धान बेचने में लगे किसानों को लेकर ज्यादा ही सजग दिख रहा है. विभाग की ओर से कहा गया है कि किसानों से वह अधिकतम 200 क्विंटल तक ही धान की खरीद करेगा. 2020-21 के दौरान किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ उठाने को नाजायज तरीके अपनाए. एमएसपी की खातिर कुछ गलत लोग भी किसान के नाम पर घुस आये थे.

विभाग की ओर से अब तक इस मसले पर करायी गयी आंतरिक जांच में 65 हजार ऐसे किसानों का पता लगा जिनके पास राशन कार्ड (लाल कार्डधारी, बीपीएल के लिये) जिन्होंने धान की बिक्री की. यह विभाग के लिये आश्चर्यजनक रहा. अब इस मसले की विस्तृत जांच और एक्शन लेने की पहल खाद्य आपूर्ति विभाग करेगा. विभागीय मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने सारे मामले की जांच करने और दोषियों की पहचान करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है.

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1000 क्विंटल धान बेचना अद्भुतः मंत्री

रामेश्वर उरांव के मुताबिक जिनके पास लाल राशन कार्ड हो यानि जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर कर रहा हो, वैसे लोगों का किसान बनकर 400 से 1000 क्विंटल तक धान बेचा जाना संदिग्ध है. इसका मतलब यह हुआ कि या तो उनका राशन कार्ड गलत था या फिर किसान होने का सर्टिफिकेट गलत तरीके से बना हुआ था. गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले धान क्रय केंद्र में आकर धान नहीं बेच सकते. वे अपनी उपज से वर्ष भर की जरुरतों को पूरा करते हैं. वास्तविकता यह है कि झारखंड में कोई ऐसा किसान नहीं है जो 1000 क्विंटल धान एक वर्ष में बेच सके. इन सारी गड़बड़ियों की जांच हो रही है. इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान हो रही है.

इस साल (2021-22) में धान खरीद में गड़बड़ियों और बिचौलियों को इस प्रक्रिया से दूर रखने की कोशिश हो रही है. इसके लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष यह निर्णय लिया है कि वह किसानों से अधिकतम 200 क्विंटल तक ही धान की खरीद करेगी. सरकार का उद्देश्य छोटे और मंझोले किसानों को एमएसपी का लाभ उपलब्ध कराना है, व्यापारी को लाभ देना नहीं. पिछले वर्ष असीमित मात्रा में धान की खरीद हुई थी, इसलिए इस बार यह फैसला लिया गया है.

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धान बेचने वालों को कार्ड करना होगा सरेंडर

खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग (झारखंड) ने सूचना जारी करते हुए कहा है कि जिन किसानों के पास 5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि हो या वे 50 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले हो, अपना राशन कार्ड हर हाल में 10 दिसंबर, 2021 तक सरेंडर कर दें. संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, बीडीओ, डीएसओ (आपूर्ति पदाधिकारी) या एसडीओ के यहां इसे जमा कर दें. कई ऐसे किसान हैं जो राशन कार्ड भी रखे हुए हैं और 50 क्विंटल से अधिक धान बेचने में सक्षम हैं. ऐसे किसानों को लाल कार्ड (राशन) रखने का हक नियमतः नहीं है. निर्धारित अवधि तक राशन कार्ड सरेंडर नहीं करने पर विभाग की ओर से झारखंड लक्षित जन वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश-2019 के अंतर्गत वसूली किये जाने के अलावा कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

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Nayika

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