
Ranchi : देश के दूर-दराज या सुदूर इलाकों में फंसे झारखंडी मजदूरों को एयरलिफ्ट कराने की प्रक्रिया अभी भी जारी है. सभी मजदूर लॉकडाउन के कारण ऐसे इलाकों में फंसे हैं. कुछ दिन पहले मुंबई, लेह और अंडमान-निकोबार में फंसे मजदूरों को एयरलिफ्ट कराया गया था.
अब एक बार फिर लेह स्थित नुब्रा घाटी में फंसे संथाल के मजदूरों को एयरलिफ्ट कराया जा रहा है. संथाल के रहने वाले इन मजदूरों की संख्या करीब 208 है. सभी मजदूर लेह स्थित नुब्रा घाटी, चुनुथु घाटी, विजययक एवं हिमांक परियोजना में काम कर रहे हैं. इन मजदूरों को दो चरण में घर लाया जाना है.
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कुल मजदूरों की संख्या हो जाएगी 268
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयासों से इन फंसे मजदूरों को घर लाने की तैयारी पूरी हो चूकी है. कुछ दिन पहले लेह से मजदूरों के एक समूह को एयरलिफ्ट कराया गया था. समहू में मजदूरों की संख्या करीब 60 थी. अब राज्य सरकार मजदूरों के दूसरे और तीसरे समूह को एयरलिफ्ट कराएगी.
पहले समूह के मजदूर सोमवार सुबह 10 बजे रांची आएंगे. इनकी संख्या करीब 115 है. वहीं दूसरा समूह मंगलवार शाम 7:40 बजे विशेष चाटर्ड विमान से रांची आएंगे. इनकी संख्या करीब 93 है. तीनों समूह के घर आने के बाद मजदूरों की कुल संख्या करीब 268 हो जाएगी.
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सहयोग करने वालों को सीएम ने कहा, ‘धन्यवाद’
मजदूरों की घर वापसी के लिए मुख्यमंत्री अपने स्तर पर लगातार काम कर रहे हैं. इस काम में सीएम ने निजी कंपनियों को आगे आने की अपील की है. अपील का असर भी दिख रहा है. वहीं मजदूरों की घर वापसी में सहयोग करने वाले व्यक्ति और संगठन को सीएम सोरेन ने धन्यवाद दिया है.
उसमें लद्दाख के स्थानीय डीआईवाई आयुक्त, बीआरओ के अधिकारी, स्पाइस जेट, इंडिगो और एयर एशिया, उद्योग घरानों और कुछ स्थानीय गैर सरकारी संगठन शामिल हैं. उन्होंने कहा है कि सभी के प्रयासों से ही आज सुदूरवर्ती क्षेत्र में फंसे मजदूरों को घर लाना संभव हो सका है.
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