
Giridih: बिहार-झारखंड बॉर्डर पर सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को सफलचा मिली है. गिरिडीह पुलिस, जमुई पुलिस और सीआरपीएफ जवानों को नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन में ये सफलता हाथ लगी है.
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दोनों राज्यों की पुलिस ने गिरिडीह जिले के भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के भतुआकुरहा और चकाई थाना क्षेत्र के गरुड़बाद से 20- 20 किलो के चार आइईडी बरामद किये हैं. बता अभियान में गिरिडीह,जमुई की पुलिस और भेलवाघाटी, चकाई के सीआरपीएफ शामिल थे.
जंगल में छुपा कर रखे थे विस्फोटक
मिली जानकारी के अनुसार, नक्सलियों के द्वारा भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के भतुआकुरहा और चकाई थाना क्षेत्र के गरुड़बाद के जंगल में सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से आइइडी छिपा कर रखे थे.
मिली गुप्त सूचना के आधार पर गिरिडीह व जमुई पुलिस और सीआरपीएफ जवानों ने संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाकर विस्फोटक को बरामद कर लिया.
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नक्सली कमांडर सिद्धू कोड़ा की मौत के बाद पिंटू राणा को मिली है कमान
मिली जानकारी के अनुसार, नक्सली कमांडर सिद्धू कोड़ा की मौत के बाद अब पिंटू राणा को नक्सली जोनल कमांडर को गिरिडीह औऱ जमुई सीमावर्ती इलाकों की कमान मिली है.
बता दें कि सिद्धू कोड़ा की मौत के बाद नक्सली संगठन की हाई लेवल बैठक बिहार-झारखंड की सीमा से सटे भेलवाघाटी जंगल में हुई थी. नक्सली कमांडर अरविंद यादव उर्फ अविनाश के नेतृत्व में बैठक हुई थी. संगठन मारक दस्ता के उन हार्डकोर नक्सलियों को कमान देने के मूड में थे जिसे बिहार-झारखंड के गिरिडीह, जमुई जिले की भौगोलिक, आर्थिक क्षेत्र की जानकारी हो.
साथ ही वह मारक दस्ता को लीड कर सके. पिंटू को जमुई, गिरिडीह व लखीसराय जिले के जंगली इलाके की जानकारी होने के अलावा संवेदकों पर भी इसकी अच्छी पकड़ है.
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