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पूर्व डीलर का आरोप- ‘बेटी को अधिकारी के पास नहीं भेजा तो लाइसेंस रद्द कर दिया, 1.20 लाख घूस भी लिया’

Gumla: गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड के एक प्रशासनिक पदाधिकारी पर रिश्वत लेने समेत कई गंभीर आरोप लगे हैं. इस संबंध में एक लिखित शिकायत गुमला के पुलिस अधीक्षक के पास की गयी है.

प्रखंड के एक पूर्व डीलर ने प्रशासनिक पदाधिकारी के विरुद्ध एक लाख 20 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए गुमला के पुलिस अधीक्षक के पास एक लिखित शिकायत कर पदाधिकारी के विरुद्ध कारवाई की मांग की है. शिकायत की जांच करने के लिए एसडीपीओ चैनपुर को जिम्मेवारी मिली है.

क्या है पूर्व डीलर की लिखित शिकायत में

लिखित शिकायत में पूर्व डीलर ने यह भी कहा है कि प्रशासनिक पदाधिकारी मेरी बेटी को गलत निगाह से देखते थे तथा पीडीएस लाइसेंस को बचाने के लिए मेरी बेटी को आवास में बुलाते थे.

शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में कहा है कि मैं पीडीएस दुकान लाइसेंस न-0197 का डीलर था जिसकी डीलरशीप बचाने के लिए उक्त प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा मेरी बेटी को अपने आवास में भेजने के लिए मुझपर दबाव बनाया जाने लगा.

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अधिकारी ने अपने दो सहयोगियों के साथ घर आकर भी धमकाया

शिकायत में लिखा है दिनांक 30 जनवरी 2020 को प्रशासनिक पदाधिकारी अपने दो सहयोगियों के साथ मेरे घर आये और काफी डराने धमकाते हुए पीडीएस लाइसेंस को बचाने के लिए एक लाख 50 हजार रुपये बतौर रिश्वत की मांग की. मैंने इधर-उधर से जुगाड कर एक लाख 20 हजार रूपये उन्हें दे दिये थे.

लेकिन रिश्वत लेने के बाद भी वे मेरी बेटी को आवास में भेजने का दबाव बनाने लगे तथा नहीं भेजने पर उन्होंने मेरे पीडीएस लाइसेन्स को रद्द करवा दिया. बाद में मैंने मेरे द्वारा दिये गये रूपये को वापस करने की मांग की तो दूसरे व्यक्तियों की मार्फत दिनांक 14 फरवरी 2020 को 50 हजार भेजवा दिये.

लेकिन मुझे सीधे तौर पर रुपये देने के बजाय उरांव छात्रावास, गुमला के दो लडकों रवि उरांव व अनुज उरांव के मार्फत 50 हजार रुपये लौटाये गये. शेष 70 हजार रुपये एक माह के अंदर वापस करने की बात कहते हुए लिखित भी दिया गया लेकिन वह राशि अब तक नहीं लौटायी गयी है.

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आरोप पर क्या कहते हैं प्रशासनिक पदाधिकारी 

आरोपी अधिकारी का कहना है- शिकायत दर्ज कराने वाले पूर्व डीलर पर लाभुकों को कम अनाज देने की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पीडीएस दुकान रद्द किया गया है. अब वह कार्रवाई से बचने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहा है जो गलत है.

क्या कहते हैं गुमला एसपी

मामले को लेकर एसपी ने कहा- 6 जुलाई को चैनपुर प्रखंड के प्रशासनिक पदाधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गयी है जिसकी जांच एसडीपीओं कर रहे हैं. मामले के अनुसंधान में जो तथ्य सामने आयेंगे उसपर कार्रवाई की जायेगी.

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