
Ranchi : पूर्व विधायक एवं बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी फिर से बीजेपी में शामिल हो गये. उनके अलावा प्रमुख रूप से पूर्व एमएलसी तथा जदयू के नेता प्रवीण सिंह ने अपने समर्थकों संग बीजेपी की ओर से आयोजित मिलन समारोह में दोबारा बीजेपी का दामन थामा. इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के अलावा कई अन्य प्रमुख नेता भी उपस्थित थे. पार्टी में शामिल होनेवाले नेताओं का स्वागत करते दीपक प्रकाश ने कहा कि ताला मरांडी और प्रवीण सिंह के बीजेपी में आने से पार्टी और मजबूत होगी. बीजेपी इस राज्य की माटी की पार्टी है.
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इस पार्टी में जो एक बार आ गया, वह दूसरी पार्टी में आसानी से एडजस्ट नहीं कर पाता. यह राज रावण राज्य की तरह चल रहा है. यहां हो रहे अन्याय के खिलाफ हम सबको मिल कर लड़ाई लड़नी है. ताला मरांडी और प्रवीण सिंह ने मौके पर पार्टी के प्रति आभार जताते कहा कि वे वैचारिक रूप से भाजपा संग बने ही रहे थे.
ताला और प्रवीण का स्वागत, सही समय पर सही निर्णय: बाबूलाल
बाबूलाल मरांडी ने बीजेपी में शामिल होनेवाले नेताओं का स्वागत करते कहा कि यही एकमात्र पार्टी है जो देश और समाज की चिंता करती है. बाकी पार्टियां अपने और अपने परिवार की चिंता करती हैं. प्रवीण सिंह और ताला मरांडी ने सही समय पर सही निर्णय किया है. इनके आने से पार्टी काफी मजबूत होगी.
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प्रवीण सिंह ने कहा कि बहुत दिनों तक वे पार्टी से दूर रहे लेकिन वे बीजेपी से वैचारिक रूप से जुड़े रहे. एक बार फिर बीजेपी में शामिल होकर सुकून मिल रहा है. वे अपने घर में लौट चुके हैं. पार्टी की ओर से उन्हें जो जिम्मेदारी दी जायेगी, उसका ईमानदारी से निर्वहण करेंगे. पार्टी को मजबूत करेंगे. कहा कि बीजेपी ने झारखंड का निर्माण किया है, इसलिए राज्य के बारे में हमें सबसे ज्यादा सोचना होगा. वे अपनी तरफ से इसके लिए पूरा प्रयास करेंगे.
क्या है ताला और प्रवीण की प्रोफाईल
गौरतलब है कि भाजपा में शामिल होनेवाले ताला मरांडी और प्रवीण सिंह पूर्व में भी इस पार्टी के सदस्य रहे थे. ताला मरांडी बोरियो से विधायक रहे हैं. वे एक बार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे थे. अपने बेटे की नाबालिग लड़की से शादी के मामले के प्रकरण के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद उन्होंने आजसू पार्टी की टिकत पर 2019 का विधानसभा चुनाव लड़ा था पर हार गये थे. प्रवीण सिंह ने बीजेपी से अपनी राजनीति शुरू की थी. वह बीजेपी से ही बिहार विधान परिषद के सदस्य एक बार रहे थे. इसके बाद वे भाजपा छोड़ जेवीएम में शामिल हो गये थे. फिर जदयू का दामन थामा था. यहां उन्हें राष्ट्रीय महासचिव के साथ-साथ झारखंड प्रभारी का दायित्व दिया गया था. पर इस पार्टी में अपनी उपेक्षा की बात करते पार्टी छोड़ अब भाजपा में शामिल हो गये हैं.
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