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HOLDING-WATER TAX में बढ़ोत्तरी पर BJP का आक्रोश प्रदर्शन, कहा- तुगलकी फरमान हो वापस

Ranchi: भाजपा ने आज राज्य सरकार द्वारा होल्डिंग टैक्स और जल कर में वृद्धि पर राजधानी रांची में आक्रोश प्रदर्शन किया. रांची महानगर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विधायक सीपी सिंह के कचहरी चौक स्थित आवास से लेकर रांची निगम कार्यालय के समीप बने कार्यक्रम स्थल तक हेमंत सरकार को तुगलकी सरकार बताया. इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश, पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी, सांसद महेश पोद्दार, विधायक नवीन जायसवाल, समरी लाल, मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय सहित कई वार्ड कमिश्नर, विभिन्न मंडलों के कार्यकर्ता और पार्टी के अन्य नेता भी शामिल थे.

दीपक प्रकाश ने मौके पर कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना काल की चुनौतियों के बावजूद जनता पर जबर्दस्ती अपना फैसला थोप रही है. सुविधाओं का पता नहीं. पानी की सुविधा नदारद है और जल कर में भारी वृद्धि की गयी है. इसे सरकार वापस ले. बाबूलाल मरांडी ने भी होल्डिंग टैक्स और जल कर में वृद्धि के फैसले की आलोचना की. इसे तानाशाही और तुगलकी फैसला बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की.

जनप्रतिनिधियों ने जताया विरोध

सीपी सिंह ने कहा कि रघुवर सरकार ने रांची में नया नगर निगम भवन का तोहफा दिया था. उम्मीद थी कि यहां पर बैठकर कानून के तहत निगम जनता के हित में फैसला लेगा. पर दुर्भाग्य है कि सरकार ने ऊपर से होल्डिंग टैक्स और जल कर में अप्रत्याशित वृद्धि कर दी है. लोगों के घरों में पानी कनेक्शन है पर पानी कई दिनों से नहीं आने की शिकायत है. लोग कड़ी मेहनत के बाद आशियाना बनाते हैं पर सरकार ऊपर से भारी भरकम टैक्स लगा रही. भ्रष्टाचार के जरिये माल कमा रही है. पैसे कोलकाता जा रहे हैं. अंधेर नगरी चौपट राजा वाली कहावत दिख रही है. जनता एक रुपया भी होल्डिंग टैक्स ना दे. जल कर का भी नहीं. सरकार जब तक टैक्स बढ़ोत्तरी का फैसला वापस नहीं लेती है, जनता एक रुपया भी टैक्स के तौर पर ना दे.

विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि इस सरकार के लक्षण विनाश काले विपरीत बुद्धि वाले हैं. होल्डिंग टैक्स और वाटर टैक्स में महागठबंधन की गूंगी बहरी सरकार ने कई गुना वृद्धि की है. सरकार का अब उल्टा समय शुरू है. आने वाला समय भाजपा का है. सरकार सत्ता में चूर है. व्यापारी, गरीब गूरबा को लूटने में लगी है. कोरोना काल में भी टैक्स में वृद्धि का फैसला लेना शर्मनाक है. ऐसी सरकार को रहने का औचित्य नहीं है. समरीलाल ने भी कहा कि जनता टैक्स ना भरे. पार्टी के कार्यकर्ता हर तरह की कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं.

आशा लकड़ा ने कहा कि वित्त मंत्री ने निगम में जबर्दस्ती एक ऐसे अफसर को बैठाया है ताकि उनका और अपना भी बोरा भरा जा सके. निगम के एसी में बैठे मोटी चमड़े वाले अपने पद का दुरूपयोग कर रहे हैं. अब लोगों को हर तरह के कनेक्शन पर रिश्वत देने की परेशानी उठानी पड़ रही है. सरकार ने टैक्स में बढ़ोत्तरी का फैसला लेकर इसे निगम पर थोप दिया है. संजीव विजयवर्गीय ने भी जनता को एक भी पैसा टैक्स के तौर पर देने से मना किया.

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