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पूर्व सीएस राजबाला वर्मा हो सकती हैं JPSC की अध्यक्ष! पहले सरकार की सलाहकार बनने की थी चर्चा

Ranchi : पूर्व मुख्य सचिव राजबाला वर्मा झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की अध्यक्ष बनायी जा सकती हैं. सूत्रों के अनुसार सरकार भी इस पर सहमति जा चुकी है. राजबाला वर्मा 1983 बैच की आईएएस अफसर हैं. 28 फरवरी 2018 को वह झारखंड के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुई थीं. इससे पहले राजबाला वर्मा को  राज्य सरकार का सलाहकार बनाये जाने की चर्चा जोरों पर थी, लेकिन वह मामला ठंडे बस्ते में चला गया. झारखंड लोक सेवा आयोग के वर्तमान अध्यक्ष के विद्यासागर का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो जायेगा. के विद्यासागर अपने कार्यकाल में छठी जेपीएससी की प्रक्रिया भी पूरी नहीं करा पाये. अभी छठी जेपीएससी की मुख्य परीक्षा होनी बाकी है.

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राजबाला वर्मा के लिए होगी चुनौती

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राजबाला वर्मा के लिए जेपीएससी का अध्यक्ष पद चुनौती भरा होगा. 1095 दिन गुजर जाने के बाद भी छठी जेपीएससी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पायी है. पांचवीं जेपीएससी की परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने में लगभग डेढ़ साल का समय लगा था. 18 साल में जेपीएससी सिविल सेवा की सिर्फ पांच परीक्षाएं ही ले पाया है.

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जेपीएससी का विवादों से रहा है नाता

जेपीएससी का विवादों से गहरा नाता भी रहा है. देश का पहला ऐसा आयोग है, जिसके अध्यक्ष पर पद पर रहते ही कार्रवाई हुई. पहली सिविल सेवा, द्वितीय सिविल सेवा, व्याख्याता, बाजार पर्यवेक्षक, सहकारिता और जेट परीक्षा विवादों के घेरे में रही. काफी हंगामे के बाद निगरानी जांच का आदेश दिया गया. द्वितीय सिविल सेवा से चयनित 166 अफसरों को कार्यमुक्त भी किया गया. प्रथम सीमित प्रतियोगिता परीक्षा रद्द करनी पड़ी. जेट परीक्षा का रिकॉर्ड भी गायब किया गया. इन सभी परीक्षाओं में अपने लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप है.

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