
Ranchi: मनरेगा घोटाले में निलंबित आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल पर प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर ईडी ने सरकार को रिमाइंडर भेजा है. मनी लांड्रिंग के तहत जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ईडी ने राज्य सरकार से भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की अनुशंसा की थी.मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की अनुशंसा पर सरकार भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज करने के लिए पूजा सिंघल व अन्य के विरुद्ध विधि विभाग से राय मांगी थी. राज्य सरकार की विधि विभाग ने भी अपनी सहमति दे दी थी, लेकिन अबतक प्राथमिकी दर्ज नही की गई है. इसी मामले में ईडी राज्य सरकार को दूसरी बार पत्र लिखा है. बता दे कि ईडी ने 11 मई 2022 को पूजा सिंघल को गिरफ्तार किया था. खूंटी मनरेगा घोटाले में मनी लांड्रिंग के तहत 6 मई 2022 को ईडी ने पूजा सिंघल से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस वक्त पूजा सिंघल खान एवं भूतत्व विभाग की सचिव थीं. छापेमारी में पूजा सिंघल के सीए सुमन कुमार के पास से 19.76 करोड़ रुपये नकदी मिले थे. इसके बाद ही ईडी ने अवैध खनन मामले में जांच की तो 1000 करोड़ के अवैध खनन का खुलासा हुआ. इसमें पूजा सिंघल व उनके सहयोगियों की भी संलिप्तता उजागर हुई थी, जिसके बाद ही ईडी ने सभी आरोपितों के विरुद्ध पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार के माध्यम से अवैध धन वसूली मामले में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए राज्य सरकार से अनुशंसा की थी.
इसे भी पढ़ें: G-20 की बैठक में शामिल होनेवाले डेलिगेट्स के खाद्य एवं पेय पदार्थों की होगी जांच




