Dumka

दुमका : सरकारी योजनाओं से वंचित ग्रामीणों ने किया एलान- सुविधा नहीं, तो वोट भी नहीं

Dumka : केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक का नारा है सबका साथ सबका विकास. लेकिन, झारखंड में स्थिति ठीक इसके उलट है. साथ भी नहीं, विकास भी नहीं. शहरों की चकाचौंध से बाहर गरीबी और मूलभूत सुविधाओं की कमी से झूझते ग्रामीणों की सुननेवाला कोई नहीं. सरकार तो प्रचार में लगी ही है, विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद और विधायक भी यहां की जनसमस्याओं से अनभिज्ञ हैं. विकास की किरणों से दूर यह गांव लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र और राजमहल लोकसभा क्षेत्र में आता है. हाल के दिनों में खरौनीबाजार पंचायत के टोलों का पेयजल संकट अखबारों की सुर्खियां भी बना. उपायुक्त ने मामले को हल करने की पहल भी की, लेकिन पंचायत के आदिम जनजाति बहुल पहाड़िया समुदाय की बसाहट वाले इस इलाके के कई जरूरतमंद आज भी पेंशन, राशन, पीएम आवास और उज्ज्वला योजना से वंचित हैं.

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अपनी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने की बैठक

सरकारी सुविधाओं से वंचित खरौनीबाजार पंचायत के गावों के पहाड़िया समुदाय के लोगों ने ‘सिदो-कान्हू मुर्मू सामाजिक एकता मंच’ के बैनर तले गोपीकांदर प्रखंड के नमोडीह गांव के चेडे डुगरी मैदान में सोमवार को बैठक की. इसमें पहाड़िया समुदाय के ग्रामीणों ने पेंशन, राशन कार्ड, राशन कम मात्रा में मिलना, पहाड़ियों तक राशन पहुंचाने के लिए डाकिया सेवा, बिरसा आवास, पीएम आवास, उज्ज्वला योजना आदि पर चर्चा की. साथ ही, बैठक में सरकार की योजनाओं से वंचित परिवारों की सूची भी तैयार की गयी. लगभग 1500 पहाड़िया आबादीवाले गांव में सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं पानेवाले परिवारों की सूची तैयार की गयी, जिनमें पेंशन योजना के योग्य लोगों की संख्या 68, राशन कार्ड से वंचित परिवार 92, बिरसा/पीएम आवास से वंचित पहाड़िया परिवार की संख्या 78 एवं उज्ज्वला योजना के लाभ से वंचित परिवार की संख्या 250 के करीब मिली.

35 केजी की जगह 30 केजी ही मिल रहा राशन, डाकिया योजना का भी नहीं मिल रहा लाभ

बैठक में मौजूद पहाड़िया समुदाय के ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों को राशन मिल रहा है, उन्हें 35 केजी की जगह 30 केजी ही राशन मिलता है. राशन लाने के लिए डीलर के यहां जाना पड़ता है. उनको घर तक राशन पहुंचाने से संबंधित डाकिया सेवा योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा है. अभी भी पहाड़िया समुदाय मूलभूत सुविधाओं से वंचित है.

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सुविधा नहीं, तो वोट नहीं का लिया निर्णय

बैठक में पहाड़िया समुदाय ने यह निर्णय लिया है कि अगर सरकारी सुविधा जल्द उपलब्ध नहीं करवायी जाती है, तो प्रखंड से लेकर जिला तक धरना, प्रदर्शन और रैली का आयोजन किया जायेगा और वोट का भी बहिष्कार किया जायेगा. पहाड़िया समुदाय ने ‘सुविधा नहीं, तो वोट नही’ का नारा दिया.

ये रहे मैजूद

इस बैठक में सुधीर कुमार देहरी, श्याम देहरी, ओम प्रकाश देहरी, गणेश देहरी, देवेंद्र देहरी, पानमति महारानी, दिनेश्वर देहरी, दीपक देहरी, लखन देहरी, श्यामा देहरी, अमला देहरी, बिरसा देहरी, बासु देहरी, रामचरण देहरी, देवा देहरी, बासुदेव देहरी, सिंगाय देहरी, मोटा देहरी, सावित्री महारानी, लक्षमी महारानी, सुमित्रा महारानी, लिली कुमारी, सुमरी महारानी, सुभाष कुमार देहरी, पाकय देहरी, सुखदेव देहरी, हरेंदर देहरी, धीरन देहरी, गंजली महारानी, भदरी महारानी, लखन लाल देहरी, सिंगाय देहरी, ललिता महारानी, रामनाथ देहरी, बबलू देहरी, बाबूलाल देहरी, लखी महारानी, देवेंद्र देहरी, सुभान देहरी, ललन देहरी, रातू देहरी, कलेन देहरी समेत काफी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित थे.

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