JharkhandMain SliderRanchi

पुलवामा के शहीदों को मदद देने की घोषणा कर भूल गयी झारखंड सरकार, सीएम और मंत्रियों ने नहीं दिया अबतक एक माह का वेतन, अफसर-कर्मचारियों का भी वेतन नहीं कटा

  • अगर सभी का वेतन कटता तो शहीदों के परिवार को मिलते 47.39 करोड़़ रुपये

Ranchi: 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला हुआ. इस हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गये. घटना के बाद देश भर में शहीद के परिजनों को आर्थिक मदद देने का सिलसिला शुरू  हुआ. 15 फरवरी को झारखंड सरकार की तरफ से एक बयान जारी किया गया. इस बयान के मुताबिक शहीदों के आश्रितों को आर्थिक सहायता के लिए राज्यकर्मियों के फऱवरी महीने के वेतन से एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने का फैसला लिया गया. इसके एक दिन बाद 16 फऱवरी को 2.42 मिनट पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा थाः पुलवामा में शहीद हुए वीर सपूतों के परिजनों के साथ पूरा देश खड़ा है. मैं और मेरे मंत्रिमंडल के सभी साथी अपना एक महीने का वेतन शहीदों के परिजनों के चरणों में अर्पित करते हैं.

इसे भी पढ़ेंः 5 दिन से लापता व्यवसायी का सुराग नहीं, परिजन जता रहे अपहरण की आशंका

वेतन काटने का आदेश ही जारी नहीं हुआ

दुखद यह है कि मार्च माह के चार दिन गुजर चुके हैं. और राज्य के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के फरवरी माह के वेतन में से एक दिन का वेतन अभी तक काटने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया. न ही मुख्यमंत्री या मंत्रियों के एक माह का वेतन शहीदों के परिजनों को देने के संबंध में कोई आदेश जारी हुआ है. यह साफ है कि झारखंड सरकार ने आर्थिक मदद की घोषणा तो की, पर मदद करने के वक्त अपनी इस घोषणा को भूल गयी.

 

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना.

इसे भी पढ़ेंः अडाणी के लिए घोषित हुआ गोड्डा में SEZ, सरकार के लिए राज्यहित से बड़ा कॉरपोरेट हित- प्रदीप यादव

क्या था मुख्यमंत्री रघुवर दास का निर्देश

सीएम ने घोषणा की थी कि सभी मंत्री पुलवामा शहीदों के लिए एक महीने का वेतन देंगे. वहीं प्रदेश के सभी राज्य कर्मी जिसमें अफसर भी शामिल हैं, एक दिन का वेतन देंगे. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. सभी की सैलरी एकाउंट में चली गयी. उसमें से एक कौड़ी भी शहीदों के नाम पर नहीं कटी. सीएम की घोषणा के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई प्रोफाइल बैठक भी हुई, जिसमें कुबेर एप से एक दिन के वेतन डिडकशन पर सहमति बनी, लेकिन वेतन कटा नहीं. जानकारी के अनुसार 28 फरवरी (महीने के अंतिम दिन) को ही बिल पास हो गया था.

इसे भी पढ़ेंः झारखंड पुलिस का दावा बचे हैं सिर्फ 550 माओवादी, लेकिन उनसे लड़ने में लगी है CRPF की 122, IRB की 5 और JJ की 40 कंपनी

162 आइएस अफसरों भी नहीं कटा वेतन

आइएएस, आइपीएस और आइएफएस का भी एक दिन का वेतन नहीं कटा. इन तीनों सेवाओं के अफसरों से न्यूज विंग ने बात की. नाम नहीं छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि शहीदों के नाम पर वेतन नहीं काटा गया. अगर शहीदों के नाम पर एक दिन का वेतन मांगा जायेगा तो दे देंगे. गौरतलब है कि प्रदेश में झारखंड कैडर के 161 आइएएस हैं. इसमें  मुख्य सचिव रैंक से लेकर एसडीओ तक के अफसर हैं. इनकी सैलरी 2.25 लाख से 1.75 लाख रुपये तक है. औसतन एक दिन का वेतन लगभग 8000 रुपये होता है. अगर एक दिन का वेतन कटता तो शहीदों के परिवारों को लगभग 12.88 लाख रुपये मिलते.

आइपीएस और आइएफएस की सैलरी से भी अबतक नहीं कटा है वेतन  

झारखंड कैडर के आइपीएस और आइएफएस का भी वेतन अबतक नहीं कटा है. झारखंड कैडर में 102 आइपीएस और 141 आइएफएस हैं. इनका भी सैलरी स्ट्रक्चर आइएएस की तरह ही है. दोनों कैडर के अफसरों का एक दिन का वेतन लगभग 8000 रुपये होत है. इस हिसाब से 102 आइपीएस का एक दिन का वेतन 816000 रुपये और 141 आइएफएस का वेतन 11.28 लाख रुपये होता. जो शहीदों के परिवार के खाते में जाता.

राज्यकर्मी एक दिन का वेतन देने को तैयार थे, पर नहीं कटा

प्रदेश के राज्यकर्मी शहीदों को श्रद्धांजलि के रूप में एक दिन का वेतन देने को तैयार थे. लेकिन उनका भी एक दिन का वेतन नहीं कटा. प्रदेश में राज्य कर्मियों की संख्या 1.90 लाख है, जिसमें राज्य प्रशासनिक सेवा, सचिवालय सेवा, शिक्षक, इंजीनियर, डॉक्टर सहित अन्य कर्मी शामिल हैं. इस मसले पर कर्मियों के संघों ने बैठक भी की थी, जिसमें औसतन एक दिन का वेतन 2500 रुपये आंका गया था. जिसमें कर्मियों की ओर से एक दिन के वेतन के एवज में लगभग 47 करोड़ रुपये की राशि आंकी गयी थी. इस राशि को भी शहीदों के नाम पर समर्पित किया जाना था.

मुख्यमंत्रियों सहित मंत्रियों का कितना वेतन

  • मुख्यमंत्री  का वेतन: 80000
  • मंत्री का वेतन: 65000
  • आइएएस कैडर का वेतन: 225000 से 175000
  • आइएफएस कैडर का वेतन: 225000 से 175000
  • आइपीएस कैडर का वेतन: 225000 से 175000
  • मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों का एक माह का वेतन: 650000
  • सभी आइएएस कैडर के एक दिन का वेतन: 1288000
  • आइपीएस कैडर के एक दिन का वेतन: 816000
  • आइएफएस कैडर के एक दिन का वेतन: 1128000
  • 1.90 लाख राज्य कर्मियों का वेतन: लगभग 47 करोड़

इसे भी पढ़ेंः लोगों को एयर स्ट्राइक में मारे गये आतंकियों के बारे में जानने का हक: शिवसेना

Related Articles

Back to top button