
Patna: बिहार के बच्चों को नया अवसर मिलने वाला है. बिहार में पढ़ रहे छात्र अब ड्रोन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर सकेंगे. राज्य के 11 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में अलग-अलग सेक्टर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जायेगा. बिहार के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में बच्चे अब ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस थ्री डी प्रिंटिंग, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, इलेक्ट्रिक व्हेकिल्स जैसे कोर्सेज की पढ़ाई करेंगे. इसका एक मात्र उद्देश्य बच्चों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार उनकी गुणवत्ता का प्रशिक्षण देना है.
इन कॉलेजों में बच्चों को नए उभरते टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग दी जायेगी. उन्हें प्लेसमेंट की सुविधा भी दी जाएगी. इसके लिए IIT पटना को नॉलेज पार्टनर और कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में चयनित किया गया है. अगले 5 साल में इसे दो चरणों में तैयार किया जाएगा. इसके तहत 11 कॉलेजों को हब नाम से जाना जाएगा. एक कॉलेज से तीन अन्य पॉलिटेक्निक कॉलेजों को जोड़ा जाएगा. जिसे स्पोक्स का नाम दिया गया है.
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए जिन 11 संस्थानों का चयन हुआ है उसमें राजकीय पॉलिटेक्निक अस्थावा, नालंदा केएनएस गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक समस्तीपुर, राजकीय पॉलिटेक्निक, मुजफ्फरपुर, राजकीय पॉलिटेक्निक, गोपालगंज ,राजकीय पॉलिटेक्निक, डेहरी ऑन सोन, राजकीय पॉलिटेक्निक, कटिहार, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, पटना , राजकीय पॉलिटेक्निक, सहरसा , राजकीय पॉलिटेक्निक, जमुई , राजकीय पॉलिटेक्निक दरभंगा , राजकीय पॉलिटेक्निक, बांका शामिल है.
यहाँ जानिए IIT पटना इन पॉलिटेक्क्निक कॉलेजों में क्या करेगी
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए प्रस्तावित हब और स्पोक्स में आवश्यक मशीनें, उपकरण, सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने के साथ लेबोरेटरी विकसित करेंगे.
इंडस्ट्री के एक्सपर्ट का लेक्चर कराया जाएगा
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के संचालन के लिए औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ राय-मशविरा किया जाएगा.
प्रशिक्षुओं के मूल्यांकन, प्रमाणीकरण और डाटाबेस के लिए इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग पोर्टल विकसित किया जाएगा.
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