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Ranchi: झारखंड की सड़कों पर निर्धारित लोड कैपासिटी से अधिक वाले भारी वाहनें धड़ल्ले से चल रहीं हैं. इस वजह से अच्छी सड़कें भी टूट रहीं हैं. कई जगहों पर धंस भी रही है. विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा देखा जा रहा है. पीडब्लूडी की सड़कें,ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़ी सड़कों पर बड़े पैमाने पर निर्धारित लोड से अधिक वाहन चल रही है. कोल क्षेत्र में चल रही कोयला लदे वाहनों,ईटा भठ्ठा से निकलने वाले ट्रकों-टैक्टरों सहित अन्य खनन वाहनें भी धड़ल्ले निर्धारित लोड से अधिक सामग्री लेकर चल रहे हैं. ऐसे में बड़े पैमाने पर सड़कों को क्षति हो रही है. राजस्व को भी नुकसान पहुंचा रहा है.
सड़कें टूटने की वजह से आवागमन भी सुगम नहीं रह रहा. इस पूरे मसले पर झारखंड विधानसभा ने भी चिंता जतायी है. सदस्यों ने सरकार से भारी वाहनों की वजह से सड़कों की क्षति जो हो रही है उस पर रोकथाम के उपाय करने की मांग की है. अधिकारिक सूत्रों के अनुसार पूरे मामले को सरकार ने भी गंभीरता से लिया है. पथ निर्माण सचिव सुनील कुमार ने सड़कों पर लोड कैपासिटी से अधिक भारी वाहनों के चलने पर रोकथाम के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है. इसके लिए उन्होंने मुख्य अभियंता यातायात की अध्यक्षता में समिति बनायी है और चीफ इंजीनियर को पूरे मसले पर समन्वय करके नीति निर्धारण करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा है.
परिवहन सचिव को लिखा गया पत्र
पथ निर्माण सचिव सड़कों पर लोड कैपासिटी निर्धारित करने के लिए परिवहन सचिव केके खंडेलवाल को भी पत्र लिखा है. कहा है कि बड़े पैमाने पर निर्धारित लोड से अधिक भारी वाहनें चल रही है. ऐसे में पूरा मामला लोड कैपासिटी का है, इसलिए इसमें परिवहन विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है. वाहनों पर लोड मानक के अनुसार निर्धारित करने को कहा है. इसके रोकथाम लिए जिलों के अधिकारियों को भी दिशा-निर्देश दिया जायेगा. ओवरलोडिंग की जांच की जाएगी.




