
Ranchi: आयकर विभाग का रिम्स के कार्डियो डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ हेमंत नारायण और उनकी पत्नी डॉ गीता कुमारी के यहां सर्वे जारी है. वहीं जमशेदपुर में भी डॉक्टरों के ठिकानों और डायग्नोस्टिक सेंटर पर सर्वे अब भी चल रहा है. आयकर अधिकारी जमशेदपुर डॉ एससी दास, डॉ दीपा घोष, डॉ उनमेश टुकटुके और डॉ राजेश सिंह की क्लिनिक में सर्वे कर रहे हैं.
इन डॉक्टरों द्वारा वास्तविक आमदनी छिपा कर आयकर की चोरी करने के आरोप में यह कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में गुरुवार को डॉ हेमंत नारायण का मोबाइल आईटी की टीम ने जब्त कर लिया. जब डॉ हेमंत बरियातू स्थित निजी क्लीनिक में मरीज के ऑपरेशन के लिये ओटी में जा रहे थे, उस समय आयकर अधिकारियों ने उनकी मोबाइल ले ली. उनके यहां कई कागजातों की जांच की जा रही है. खबर लिखे जाने तक जांच जारी है.
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निजी प्रैक्टिस करते हैं डॉ हेमंत
डॉ हेमंत बरियातू में पेट्रोल पंप के बगल स्थित एक मकान में निजी प्रैक्टिस करते हैं. हालांकि वहां उनके नाम का कोई बोर्ड आदि नहीं लगा है, क्योंकि रिम्स में पदस्थापित डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं है. राज्य सरकार रिम्स के डॉक्टरों को नन प्रैक्टिसिंग अलाउंस देती है. हेमंत नारायण अपने निजी क्लिनिक में मरीजों के देखने के लिए 1500 रुपये प्रति मरीज के हिसाब से फीस लेते हैं. पर वह अपने आयकर रिटर्न में सिर्फ वेतन से होनेवाली आय का ही उल्लेख करते हैं. किसी अन्य स्रोत से होनेवाली आमदनी का उल्लेख नहीं करते. अब आयकर अधिकारी डॉ हेमंत नारायण की क्लिनिक से मिले दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं, ताकि उनकी वास्तविक आमदनी का सही-सही पता लगाया जा सके.
आयकर विभाग की टीम ने डॉ हेमंत की पत्नी डॉ गीता कुमारी के अशोकनगर (रांची) स्थित आवासीय क्लिनिक में भी सर्वे कर रही है.
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अब तक क्या हुआ
- डॉ हेमंत नारायण के बरियातू स्थित निजी क्लिनिक में सर्वे जारी
- 1500 रुपये प्रति मरीज फीस भी लेते हैं डॉक्टर, पर रिटर्न में आय का स्रोत सिर्फ वेतन ही दिखाते हैं
- जमशेदपुर में भी डॉक्टरों पर रिटर्न में आमदनी का गलत ब्योरा देने पर सर्वे
जमशेदपुर के डायग्नोस्टिक सेंटर के दस्तावेज की जांच के दौरान इस बात की जानकारी मिली है कि सेंटर के मालिक द्वारा सिर्फ आठ से 10 प्रतिशत ही मुनाफा दिखाया जाता है. आयकर विभाग का मानना है कि डायग्नोस्टिक सेंटर में 20-30 प्रतिशत तक मुनाफा होता है.




