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दिउड़ी मंदिरः प्रशासन के एक्शन के खिलाफ गोलबंद हुए मुंडा पुरोहित, सीएम से हस्तक्षेप की गुहार

Ranchi : तमाड़ के पास स्थित दिउड़ी मंदिर एक बार फिर से चर्चा में है. पिछले दिनों प्रशासन की ओर से मंदिर की दान पेटियों को सील कर दिया गया. इसके अलावा झारखंड आदिवासी महासभा के कुछ सदस्यों पर केस भी दर्ज किया गया है. इसके बाद मंदिर से जुड़े मुंडा पुरोहितों, ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति है. ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंप कर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है.

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झारखंड आदिवासी महासभा के संयोजक राधाकृष्ण सिंह मुंडा ने कहा कि ग्राम सभा को सूचना दिए मंदिर की दानपेटी पर प्रशासन की ओर से 16 अक्तूबर को ताला जड़ दिया गया. उन्होंने कहा कि पुरानी समिति को दरकिनार कर एसडीओ मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बन गए हैं. मंदिर के स्वामित्व को आदिवासियों के हाथों से छीनने की कोशिश की जा रही है.

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प्राचीन काल से करते आ रहे हैं पूजा

राधाकृष्ण सिंह मुंडा ने कहा कि बुंडू और तमाड़ के मुंडा क्षेत्र में दिउड़ी माता की पूजा, मुंडा आदिवासी प्राचीन काल से करते आ रहे हैं. यह पूजा उस समय से होती आ रही है जब इस क्षेत्र में किसी भी दूसरे समुदाय का आगमन नहीं हुआ था. पुराने लोग बताते हैं कि पहले वहां पर एक पत्थर हुआ करता था जिसकी पूजा की जाती थी. उस जगह को हम दसई (दिउड़ी) देवी या जंगल की बेटी के नाम से जानते हैं. उसी का नाम पर दिउड़ी ग्राम भी बसा हुआ है. वह हमारी ग्राम देवी भी है. सालों साल वहां पर मुंडा पुरोहित पूजा कराते रहे हैं पर अब समस्या खड़ी हो रही है. क्योंकि हमें वहां सा हटाने की कोशिश की जा रही है.

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