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जिला व प्रमंडल स्तरीय ‘आकांक्षा-40’ कोचिंग बंद, प्राइवेट टीचर्स के भरोसे चल रहा राज्य स्तरीय केंद्र

Ranchi: राज्य के गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मेडिकल-इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए शुरू किया गया आकांक्षा-40 अब केवल राज्य स्तर पर ही संचालित हो रहा है.

2016 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत जिला, प्रमंडल व राज्य स्तर पर की गयी थी. लेकिन छात्रों की रुचि न होने की वजह से जिला व प्रमंडल स्तरीय कोचिंग को बंद कर दिया गया है.

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शैक्षणिक सत्र 2019-20 में मेडिकल के लिए 51 और इंजीनियरिंग के लिए 55 छात्रों का नामांकन लिया गया है.

मेडिकल के लिए 103 व इंजीनियरिंग के लिए 78 का हुआ था चयन

शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए ली गयी नामांकन परीक्षा में 181 विद्यार्थियों का चयन किया गया था. जिसमें मेडिकल के लिए 103 और इंजीनियरिंग के लिए 78 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया.
जानकारी के मुताबिक, प्रोजेक्ट प्रारूप में इसे सुपर-30 की तर्ज पर शुरू किया गया था. जिसमें मेडिकल व इंजीनियरिंग के लिए 40-40 बच्चों का चयन करना है.

प्रमंडल व जिला स्तर पर आकांक्षा-40 के बंद हो जाने से चयनित विद्यार्थियों में से मेडिकल के 63 व इंजीनियरिंग के 38 विद्यार्थी तैयारी से वंचित रह गये हैं.

सात जिले से एक भी विद्यार्थी का नहीं हुआ चयन

आकांक्षा-40 की नामांकन परीक्षा में सात जिले से एक भी विद्यार्थी नहीं हैं. मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए चयनित 103 विद्यार्थी राज्य के 22 जिलों से हैं.

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दो जिले खूंटी व रामगढ़ से एक भी विद्यार्थी का चयन नहीं हुआ है. इसी तरह इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए चयनित 78 विद्यार्थी, राज्य के 17 जिलों से हैं.

सात जिले कोडरमा, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, दुमका, साहिबगंज, गुमला व खूंटी से एक भी स्टूडेंट का सेलेक्शन नहीं हुआ है.

2016 में शुरू हुआ था आकांक्षा-40

2016 में सरकारी स्कूलों अध्ययनरत कमजोर वर्ग के मेधावी बच्चों के लिए सुपर-30 की तर्ज पर झारखंड सरकार आकांक्षा-40 के तहत बच्चों की तैयारी करा रही है.

आकांक्षा-40 का संचालन स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग द्वारा किया जाता है. राज्य स्तरीय परीक्षा के लिए चयनित विद्यार्थियों को नि:शुल्क पठन-पाठन के साथ-साथ रहने व खाने की सुविधा भी दी जाती है.

प्राइवेट शिक्षकों के भरोसे 80 में 29 छात्र हुए हैं सफल

आकांक्षा-40 में शहर के विभिन्न कोचिंग के शिक्षक पढ़ाते हैं. यहां अध्ययनरत 40 विद्यार्थियों में से 2019 की इंजीनियरिंग परीक्षाओं में 29 छात्र सफल हुए हैं. जबकि मेडिकल परीक्षा में केवल 30 विद्यार्थियों ने क्वालिफाई किया है.

मेडिकल के सफल विद्यार्थियों का कहीं नामांकन नहीं हो पाया है. तीन साल पहले जब इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया था, तब जिला स्कूल परिसर में स्थायी भवन बनाने की बात कही गयी थी.

लेकिन आज तक भवन नहीं बन पाया है. अभी आकांक्षा-40 कोचिंग बालिका विद्यालय बरियातू में संचालित किया जा रहा है.

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जिलावार चयनित विद्यार्थी

इंजीनियरिंग के लिए

जिलाचयनित विद्यार्थी
बोकारो2
चतरा2
देवघर5
धनबाद11
पू. सिंहभूम9
गढ़वा3
गिरिडीह6
गोड्डा3
हजारीबाग6
जामताड़ा5
लातेहार1
लोहरदगा5
पाकुड़2
पलामू6
रामगढ़2
रांची4
प. सिंहभूम6

 

मेडिकल के लिए

जिलाचयनित विद्यार्थी
बोकारो5
चतरा1
देवघर3
धनबाद6
पू. सिंहभूम7
गढ़वा8
गिरिडीह9
गोड्डा2
गुमला1
हजारीबाग11
जामताड़ा10
कोडरमा7
लातेहार4
लोहरदगा2
पाकुड़3
पलामू3
दुमका2
रांची5
प.सिंहभूम14
साहिबगंज1
सरायकेला3
सिमडेगा1

 

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