न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सरकारी दावा झारखंड #ODF: गुमला ने पूरा किया 90% टारगेट लेकिन निर्माण के नाम पर एक करोड़ का घोटाला

1,920

Ranchi/Gumla: कहने को तो बीजेपी की सरकार ने पूरे देश को ही ODF (Open Defecation Free) खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया है.

झारखंड सरकार का भी दावा है कि पूरा राज्य ODF हो चुका है. लेकिन गुमला जिले में हुए लाखों रुपए का बंदरबांट बताता है कि कैसे शौचालय निर्माण के नाम पर लाखों रुपए का बंदरबांट हुआ है.

इसे भी पढ़ेंःसरायकेला सीट: #JMM के चंपई की स्थिति मजबूत, क्या #BJP गणेश महली पर फिर लायेगी दांव 

2014 के दो अक्टूबर को गुमला जिले में कुल 28,23,932 शौचालय निर्माण करने का टारगेट दिया गया. स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट की मानें तो जिले ने 90% से ज्यादा का टारगेट पूरा कर लिया है.

कुल 25,57,317 शौचालय बन कर तैयार हैं. दूसरी तरफ गुमला जिले में स्वच्छ भारत मिशन में 1,02,37000 रुपए के बंदरबांट को लेकर एक एफआइआर दर्ज हुई है.

Whmart 3/3 – 2/4

जिले के डीसी ने सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव को एक चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में पैसों के बंदरबांट का पूरा ब्योरा है. डीसी ने अपनी चिट्ठी में एक उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही है.

फिर गुमला कैसे हुआ Open Defecation Free ?

डीसी ने जो जांच रिपोर्ट पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव को सौंपी है, उसमें लाखों रुपए के घोटाले की बात का उल्लेख साफ तौर से किया गया है.

यानि एक करोड़ से ज्यादा की राशि निकाल ली गयी, जबकि शौचालय का निर्माण हुआ ही नहीं है. एक टॉयलेट बनाने के लिए सरकार की तरफ से 12,000 रुपए का आवंटन किया जाता है.

इसे भी पढ़ेंःतेजस के बाद अब 150 ट्रेन और 50 स्टेशन को निजी हाथों में देने की तैयारी में रेल मंत्रालय

इस हिसाब से मुखिया, ब्लॉक और बैंक कर्मियों की मिलीभगत से करीब 1000 शौचालयों के आवंटन की राशि हजम कर ली गयी. ऐसे में सवाल उठता है कि जब जिले में इतनी बड़ी संख्या में शौचालय बना ही नहीं तो जिले को ODF कैसे घोषित कर लिया गया.

सवाल यह भी उठने लगे हैं कि क्या दूसरे जिले में इस तरह का घोटाला नहीं हुआ होगा. अगर हुआ होगा तो झारखंड को ODF बोलने पर ही सवाल खड़े होते हैं.

कैसे हुआ घोटाला

डीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला जल एवं स्वच्छता समिति के खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर निकासी की गयी है. यह मामला काफी गंभीर है.

इसमें बैंक कर्मियों की संलिप्तता भी है. उपायुक्त ने सचिव को लिखे पत्र में जांच रिपोर्ट भी सौंपी है.

जिसमें यह कहा गया है कि गुमला के स्वच्छ भारत मिशन कार्यालय में कागजों की जांच के बाद पाया गया कि गुमला प्रखंड के बसुवा, फोरी, ईरोफटकपुर, टोटो, टैंसेरा, कोयनारा व पतिया के पीडब्ल्यूएससी के खाते से अवैध निकासी विभिन्न लोगों के नाम से की गयी है. वहीं कुछ व्यक्ति के खाते में पैसे ट्रांसफर भी किये गये हैं.

किसके-किसके खाते में गए पैसे

रिपोर्ट के मुताबिक, कुलाबीरा पंचायत के जल एवं स्वच्छता समिति पतिया के खाते से 16 मई से 6 सितंबर तक समसुद्दीन शेख के नाम पर 10 लाख रुपये, दीपक कुमार सिंह व पुष्कर कुमार के नाम पर 1-1 लाख रुपये, पप्पू कुमार चौहान के नाम पर 4.50 लाख रुपये, आरइ इंडस्ट्री के नाम पर 2.5 लाख रुपये, आर 6 इंडस्ट्री के नाम पर 1.5 लाख रुपये, अशोक कुमार महली के नाम पर 50 हजार रुपये, गोपाल साहू के नाम पर 50 हजार रुपये अलावा सेल्फ चेक से 49-49 हजार रुपये की निकासी तीन बार हुई है.

इसे भी पढ़ेंःउत्तराखंड में बागी 100 नेताओं को #BJP ने दिखाया बाहर का रास्ता, अनुशासनहीनता के नाम पर कार्रवाई

इसके अलावा पीएचईडी के ईई का फर्जी हस्ताक्षर कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गयी है. केवल सदर प्रखंड के पूरी पंचायत में संचालित ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति तिगरा के खाते से निकासी की गई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडियन बैंक गुमला ब्रांच में पूरी गांव की समिति के खाते से 33.30 निकासी की गई है. वहीं तिगरा ग्राम समिति के खाते से 18.6 लाख रुपये की निकासी की गई.

जिसमें फिरोज अशरफ नामक व्यक्ति के नाम पर 28 लाख से ज्यादा रुपये की निकासी की गई है. इसी प्रकार विशुन साहू के नाम पर तीन लाख, तारकेश्वर पांडेय के नाम पर 4 लाख, उदय उरांव के नाम पर 4.5 लाख, मुकेश राम के नाम पर एक लाख व दीपक कुमार सिंह के नाम पर 9.75 लाख रुपये सहित अन्य के नाम पर लाखों की निकासी की गयी है.

सदर प्रखंड के गांव जल एवं स्वच्छता समिति बसुआ के बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 19 लाख रुपये की निकासी की गयी है. जिसमें मानुल्लाह अंसारी के नाम पर 2.64 लाख, मो. जाहिद अंसारी के नाम पर 50 हजार, किरण ब्रिक्स के नाम पर साढे तीन लाख, चांपों देवी के नाम पर एक लाख, तारकेश्वर पांडे के नाम पर 3 लाख रुपये, दीपक कुमार सिंह के नाम पर 4 लाख रुपये, गौरी देवी के नाम पर दो लाख, मुजाहिद अंसारी के नाम पर डेढ़ लाख और समसुद्दीन अंसारी के नाम पर 1.20 लाख रुपये की निकासी की गयी है.

इसे भी पढ़ेंः गुमला: स्कूल वैन में लगी आग, बाल-बाल बचे दर्जनभर स्कूली बच्चे

न्यूज विंग की अपील


देश में कोरोना वायरस का संकट गहराता जा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि तमाम नागरिक संयम से काम लें. इस महामारी को हराने के लिए जरूरी है कि सभी नागरिक उन निर्देशों का अवश्य पालन करें जो सरकार और प्रशासन के द्वारा दिये जा रहे हैं. इसमें सबसे अहम खुद को सुरक्षित रखना है. न्यूज विंग की आपसे अपील है कि आप घर पर रहें. इससे आप तो सुरक्षित रहेंगे ही दूसरे भी सुरक्षित रहेंगे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like