
London : वर्तमान में लगातार भागदौड से भरी हुई जिंदगी में आम आदमी अपने सेहत पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाता हैं. जिसके कारण डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा आम बात हो गई है. स्वीडिश नेशनल डायबिटीज रजिस्टर (एनडीआर) के अनुसंधानकर्ताओं ने डायबिटीज को लेकर दुनिया भर को आगह किया है.
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पांच फीसदी मरीजों में स्तन कैंसर का खतरा
एनडीआर के अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, डायबिटीज से कैंसर होने का खतरा बढ़ा जाता है. इससे कैंसर के मरीजों के जीवित रहने की संभावना कम होने लगती है. डायबिटीज से ग्रसित 20 फीसदी मरीजों में इस बीमारी से अछूते लोगों के मुकाबले कोलोरेक्टल कैंसर होने का खतरा सबसे ज्यादा बना होता है. पांच फीसदी मरीजों में स्तन कैंसर होने का भी खतरा अधिक बढ़ जाता है.
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पुरे विश्व भर में 41.5 करोड़ लोग हैं डायबिटीज ग्रसित
जिन लोगों को कैंसर है और उनको डायबिटीज भी हों. उनमें स्तन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर के कारण मरने की क्रमश: 25 फीसदी और 29 फीसदी की अधिक आशंका बढ़ जाती है. पुरे विश्व में करीब 41.5 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं. हर 11 में से एक व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित है. 2040 तक इस संख्या के बढ़कर 64.2 करोड़ होने की संभावना जतायी गई है.
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पिछले 30 साल में बढ़ी है टाइप 2 डायबिटीज पीड़ितों की संख्या
अनुसंधान का नेतृत्व करने वाली जोर्नस्डोटिर ने कहा कि हमारा अध्ययन यह नहीं कहता कि जिस भी व्यक्ति को डायबिटीज है, उसे बाद में कैंसर हो सकता है. जबकि पिछले 30 साल में टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ गई है. हमारा अध्ययन डायबिटीज से देखभाल के महत्व पर जोर देता है.”




