
Dhanbad : गिरफ्तारी के डर से छुपते चल रहे भाजपा विधायक ढुल्लू महतो को धनबाद कोर्ट से राहत नहीं मिली है. फिलहाल ढुल्लु महतो फरार हैं. जिसके बाद से पुलिस और ढुल्लू के बीच चूहे-बिल्ली का खेल बदस्तूर जारी है.
पुलिस ने ढुल्लू की गिरफ्तारी के लिए 19 फरवरी को उनके चिटाही स्थित आवास को पुलिस छावनी में बदल दिया था. लेकिन इससे पहले ही ढुल्लू फरार हो गये थे. जिसके बाद से ही पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं.
आखिर ढुल्लू को देर रात शुरू हुई पुलिसिया कार्वाई की भनक कैसे लग गयी कि वे आधी रात को घर से फरार हो गये. कतरास थाना कांड संख्या 178 /2019 के तहत रात के करीब तीन बजे दर्जन भर से ज्यादा पुलिस कर्मी बड़े अधिकारियों के साथ ढुल्लू महतो की गिरफ्तारी के लिए बाघमारा के चिटाही पहुंचे थे.
करीब आधे घंटे की जद्दोजहद के बाद धनबाद पुलिस उनके घर पहुंची थी लेकिन ढुल्लू को गिरफ्तार नहीं कर सकी क्योंकि इससे पहले ही ढुल्लू फरार हो गये थे. हालांकि पुलिस ने औपचारिकता निभाने के लिए ढुल्लू के आवास की गहनता से तालाशी ली.
पुलिस के किसी वरीय अधिकारी से हुई थी ढुल्लू की बात
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ढुल्लू को उसकी गिरफ्तारी से पहले ही पुलिसिया कार्रवाई की भनक लग गयी थी. इसका खुलासा तब हो सकता है जब ढुल्लू के फरार होने वाले दिन का कॉल डिटेल्स निकाला जाये.
हमारे विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि देर रात ढुल्लू महतो की बात धनबाद पुलिस के किसी वरीय अधिकारी से हुई थी. कहा तो यहां तक जा रहा है कि उसी वरीय अधिकारी ने ढुल्लू महतो को पुलिसिया कार्रवाई की जानकारी दी और इसके बाद ढुल्लू फरार हो गये.
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राजगंज से पीरटांड़ गये थे ढुल्लू
सूत्रों का कहना है कि पुलिस के वरीय अधिकारी से बात होने के बाद ढुल्लू रात के करीब डेढ़ बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर राजगंज पहुंचे थे. उन्होंने मफलर से अपना मुंह ढंक रखा था.
राजगंज में ढुल्लू ने मोटरसाइकिल छोड़कर चार पहिया वाहन लिया और यहां से गिरीडीह के पीरटांड़ के लिए निकल पड़े. बताया जाता है कि गिरीडीह के पीरटांड़ में उनका कोई रिश्तेदार रहता है. ढुल्लू तीन दिनों तक वहीं रुके रहे. तीन दिनों के बाद वे वहां से भी फरार हो गये. फिलहाल वे कहां हैं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है.
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बातचीत के लिए कर रहे हैं कई सीमों का उपयोग
बताया जा रहा है कि पुलिस को भले ही ढुल्लू महतो के फोन का आखिरी लोकेशन पश्चिम बंगाल का पुरुलिया में मिला हो, लेकिन ढुल्लू आज भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं.
पुलिस को उनके सही लोकेशन की जानकारी नहीं मिले इसके लिए वे अलग-अलग सिमों का इस्तेमाल कर रहे हैं. वे अपने समर्थकों के नाम से कई सिम कार्ड अपने पास रखे हुए हैं और जरूरत के हिसाब से उसका प्रयोग कर रहे हैं.




