
- DGP एमवी राव बोले- जिदन पर 15 लाख के इनाम का पोस्टर जारी करने का मिला फायदा
- जिदन के बारे में मिली थी गुप्त सूचना, जिसके बाद उसकी टोह में निकली खूंटी पुलिस और सीआरपीएफ की टीम
Ranchi : सोमवार को पीएलएफआई उग्रवादी जिदन गुड़िया के मारे जाने के बाद डीजीपी एमवी राव ने पीएलएफआई संगठन के बचे दूसरे उग्रवादियों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि पीएलएफआई के बाकी उग्रवादी जल्द से जल्द पुलिस के सामने हथियार डाल दें, नहीं तो उनका भी हाल जिदन जैसा ही होगा.
बता दें कि खूंटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ में पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) का 15 लाख का इनामी उग्रवादी जिदन गुड़िया मारा गया. पुलिस ने घटनास्थल से एक एके-47 रायफल और गोलियों समेत कई सामान बरामद किये हैं.
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पुलिस को देखते ही जिदन और उसके साथी करने लगे फायरिंग
झारखंड के डीजीपी एमवी राव ने बताया कि वह पीएलएफआई को उग्रवादी संगठन नहीं मानते हैं. डीजीपी के अनुसार पीएलएफआई एक आपराधिक संगठन है, जो अपराधियों की तरह का घटनाओं को अंजाम देता है और इनका कोई भी एथिक्स नहीं है.
डीजीपी ने बताया कि हाल में ही जिदन गुड़िया पर इनामी की घोषणा से संबंधित पोस्टर को गांव-गांव में जारी किया गया था. इसका फायदा मिला और हमें बेहद गुप्त रूप से जिदन के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिसवालों ने उसकी खोज में ऑपरेशन चलाया. पुलिस को देखते ही जिदन और उसके साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी. लेकन, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में जिदन ढेर हो गया.
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मुठभेड़ में शामिल अधिकारियों और जवानों के बीच बंटेंग इनाम के 15 लाख रुपये
डीजीपी ने बताया कि खूंटी पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने बहुत ही बेहतर काम किया है और एक आतंक को खत्म कर दिया है. गुड़िया पर 15 लाख रुपये का इनाम था और वह इनाम मुठभेड़ में शामिल अधिकारियों और जवानों के बीच बांटा जायेगा.
पीएलएफआई में दिनेश गोप के बाद दूसरे नंबर पर था जिदन गुड़िया
पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के बाद संगठन में जिदन गुड़िया का दूसरा स्था न था. खूंटी, रांची, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, हजारीबाग, चाईबासा जिले में वह आतंक का पर्याय था.
उसकी मौत से संगठन को बड़ा झटका लगा है. वहीं, पुलिस के लिए यह बड़ी कामयाबी है. जिदन पर हत्यार, अपहरण, लेवी, रंगदारी के दर्जनों मामले दर्ज थे.
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