
Ranchi: कोयला मंत्रालय, भारत सरकार ने 27-29 अक्टूबर, 2023 तक तीन-दिवसीय इंडिया मोबाइल कांग्रेस, नई दिल्ली में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के अमलोहरी ओसीपी में 5जी प्रौद्योगिकी उपयोग मामलों के सफल जीवंत (लाइव) प्रदर्शन द्वारा अपनी तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया. एनसीएल के अमलोहरी ओसीपी में भारत के पहले निजी 5जी नेटवर्क की संकल्पना सीएमपीडीआई द्वारा की गयी और इसकी तैनाती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस कांग्रेस में गणमान्य व्यक्तियों ने नई दिल्ली से एनसीएल के अमलोहरी ओसीपी के 5जी सक्षम ड्रोन, एआई द्वारा संचालित कैमरा, वाहन ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) और मिशन क्रिटिकल वॉयस और वीडियो संचार के 5जी उपयोग के समूचे मामलों (दृश्य प्रसारण) का अवलोकन किया.
इस अवसर पर सचिव (कोयला) अमृत लाल मीणा, सचिव (दूरसंचार) डॉ0 नीरज मित्तल, अपर सचिव (कोयला) एम.नागराजू, कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्रीमती विस्मिता तेज, कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव संजीव कुमार कस्सी, कोयला मंत्रालय के कोयला नियंत्रक और डीडीजी श्रीमती संतोष, कोल इंडिया के चेयरमैन पीएम प्रसाद, कोयला मंत्रालय के सलाहकार (प्रोजेक्ट्स) आनंदजी प्रसाद, टीसीआईएल के निदेशक (प्रोजेक्ट्स) अरूण कुमार चौबे एवं अन्य लोगों ने पैवेलियन (मंडप) का दौरा किया और कोयला खदानों में 5जी प्रौद्योगिकी के कार्यान्वयन की सराहना की. सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार एवं निदेशक (तकनीकी/ईएस) सतीश झा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कांग्रेस में सीएमपीडीआई का प्रतिनिधित्व किया.
उल्लेखनीय है कि 5जी नेटवर्क विशाल खदान क्षेत्रों में निर्बाध संचालन और वास्तविक समय डेटा ट्रांसमिशन सुनिश्चित करता है. निरंतर निगरानी के माध्यम से वाहन के प्रदर्शन और सुरक्षा को अनुकूलित करता है. श्रमिकों की सुरक्षा और सम्पत्ति की सुरक्षा बढ़ाता है और बेहतर पर्यावरण निगरानी करता है जिसके परिणामस्वरूप कुशल सुरक्षा और कोयला उत्पादन होता है.




