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हजारीबाग डीसी और एसडीपीओ अनिल कुमार समेत 24 पदाधिकारियों को चुनाव कार्य से दूर रखने की मांग  

कांग्रेस ने चुनाव आयोग को सौंपे 24 अधिकारियों पर दर्ज एफआइआर के साक्ष्य

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Ranchi:  झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से शनिवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पास कई सरकारी अधिकारियों को चुनाव कार्य से दूर रखने की मांग की गयी. इसके लिए कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल ख्यातंगे से मिलकर ज्ञापन सौंपा.

इसके तहत एडीजी अनुराग गुप्ता, अजय कुमार, हजारीबाग उपायुक्त रविशंकर शुक्ला, एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह, पूर्व पुलिस अधीक्षक हजारीबाग पंकज कंबोज सहित कई अधिकारियों को निष्पक्ष एवं भयमुक्त चुनाव के लिए चुनाव कार्यों से दूर रखने का आग्रह किया गया है.

प्रदेश के नेताओं ने ऐसे अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया से दूर रखने का आग्रह किया, जिनकी आस्था किसी विशेष राजनीतिक दल से हो. साथ ही मांग की गयी कि जो अधिकारी एक ही स्थान पर तीन साल से अधिक समय से कार्यरत हैं, ऐसे अधिकारियों को भी चुनाव कार्य से दूर रखा जाये.

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गंभीर आरोप लगे अधिकारियों को रखें चुनाव कार्य से दूर

कांग्रेस कमेटी की ओर से राजीव रंजन प्रसाद, आलोक कुमार दूबे, शमशेर आलम, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ राजेश गुप्ता, डॉ एम तौसीफ और अम्बा प्रसाद ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात की. कार्यकर्ताओं ने मांग की कि वैसे अधिकारियों को चुनाव कार्य से दूर रखा जाये जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं. साथ ही जिन पर प्राथमिकी दर्ज हो और मामले लंबित हो, उनको भी चुनाव कार्य से  दूर रखें.

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एडीजी के खिलाफ जगन्नाथपुर थाना में मामला दर्ज है

पार्टी प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने जानकारी दी कि एडीजी अनुराग गुप्ता और अजय कुमार पर वोटरों के मताधिकार के प्रयोग करने में हस्तक्षेप का आरोप पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने लगाया है. जिसका सत्यापन विधायक निर्मला देवी और विधायक चमरा लिंडा के लिखित बयान से  हुआ है.

जिसके लिए साल 13.6. 2017 को मुख्य सचिव ने विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया था. उन्होंने जानकारी दी कि जगन्नाथपुर थाना में भी एडीजी के खिलाफ आइपीसी की धारा 171 बी, ई, सी, एफ के तहत मामला दर्ज है, लेकिन इसकी जांच अब तक अधूरी है.

छिपा दी गयी थी चार लोगों की हत्या की खबर

शाहदेव ने जानकारी देते हुए कहा कि एक अक्टूबर 2016 को बड़कागांव थाना क्षेत्र में पुलिस की गोली से चार ग्रामीणों की हत्या हुई थी. लेकिन पुलिस ने चार लोगों की हत्या की बात छुपा दी. बाद में सरकार ने भी माना था कि चार लोगों की हत्या हुई है.

इस मामले को लेकर हजारीबाग डीसी रविशंकर शुक्ला व अन्य पर हत्या सहित कई अन्य धाराओं में नामजद मामला दर्ज हुआ है. उच्च न्यायालय की ओर से त्वरित और निष्पक्ष जांच की कार्रवाई का आदेश भी है. लेकिन आदेश का अनुपालन अभ तक नहीं हो पाया है.

24 अधिकारियों के नाम दिये गये

उन्होंने बताया कि 24 पदाधिकारियों के नाम चुनाव आयोग को दिये गये हैं. जिन पर एफआइआर दर्ज है और वे किसी दल के इशारे पर कार्य कर रहे हैं. इसके साक्ष्य भी चुनाव आयोग को सौंपे गये.

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