
Giridih: गिरिडीह के गांवा थाना इलाके के पीहरा के घाघरा गांव के एक मदरसा सह हॉस्टल में 17 वर्षीय छात्रा का शव फंदे से झूलता हुआ मिला. मंगलवार की देर शाम करीब नौ बजे मदरसा के कमरे में छात्रा के झूलते हुए शव को उसकी सहेली साहिन प्रवीन ने देखा. इसके बाद कमरे के दरवाजे को तोड़ा गया. लेकिन घटना की जानकारी दूसरे दिन बुधवार की सुबह मदरसा के मौलाना के बजाय घाघरा के मुखिया सब्दर अली द्वारा पुलिस को दिया गया. मुखिया की माने तो घाघरा गांव के मदरसा को एक हॉस्टल का रूप दिया गया था. जहां सिर्फ मुस्लिम समुदाय की छात्राएं ही पढ़ती थी. और वही रहती थी. हॉस्टल में कई और लड़कियां पढ़ाई करती है. लेकिन किसी जानकारी तक नही मिला की मृत छात्रा ने कब अपने कमरे में फांसी लगाई, और क्यों लगाई. जबकि मौलाना द्वारा मामले को छिपाया गया. क्योंकि छात्रा की मौत की जानकारी मौलाना ने देर रात ही मृतका के परिजनों को कोडरमा के डोमचांच के जानपुर गांव में दिया था. इस दौरान मृतका के परिजन भी घाघरा गांव देर रात पहुंचे.
वही दूसरे दिन बुधवार को उसके शव को लेकर मदरसा सह हॉस्टल के मौलाना मुफ्ती गुलाम रसूल और परिजन जब डोमचाच पहुंचे. तो परिजनों द्वारा मौलाना को अपने घर में ही सही बात नहीं बताने पर घर में ही घंटों बैठा लिया. क्योंकि छात्रा ने फांसी क्यों लगाई, ये मौलाना भी नही बता पा रहे और न ही मौलाना मुफ्ती गुलाम रसूल द्वारा घटना की जानकारी गांवा थाना पुलिस को ही दिया गया. दूसरे दिन बुधवार को मुखिया सब्दर अली ने घटना की जानकारी पुलिस को दिया तो पुलिस भी घटनास्थल पहुंच कर जांच की. जबकि मृतका छात्रा पढ़ाई के दौरान लघुशंका बताकर अपने कमरे में गई. और जब देर तक नहीं लौटी, तो मौलाना ने उसकी सहेलियों से कमरे में देखने को कहा. जब एक सहेली देखने गई तो कमरे की खिड़की से देखा तो फंदे से उसका शव झूल रहा था.




