
- रांची की मेयर आशा लकड़ा ने कहा- राजस्व वृद्धि से ज्यादा जनहित के कामों को प्राथमिकता दे हेमंत सरकार
Ranchi : लॉकडाउन4.0 में झारखंड सरकार द्वारा दी गयी छूट पर मेयर आशा लकड़ा ने बड़ा बयान दिया है. मेयर ने कहा है कि केंद्र ने 31 मई तक लॉकडाउन को चालू रखने की बात की है. दूसरी तरफ राज्य सरकार ने इस चरण में काफी छूट दे दी है. यह छूट बढ़ते कोरोना मरीजों को देख सही नहीं है.
निगम कार्यालय में मीडियाकर्मियों से बातचीत में आशा लकड़ा ने कहा है कि सरकार को राजस्व वृद्धि से ज्यादा अभी जनहित के कामों को प्राथमिकता देनी चाहिए. सरकार ने इससे अलग खुदरा शराब दुकानों को खोलने की अनुमति दी है. इन दुकानों में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ रही है. जरूरी है कि यहां लॉकडाउन को लेकर जारी गाइडलाइन पालन कराया जाये. ऐसा नहीं होने पर नगरीय प्रशासन को हाथों में लेते हुई रांची नगर निगम नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा – 364, 365, 367 एवं 368 के तहत कार्रवाई कर सकता है.
चिन्हित माइक्रो कंटेनमेंट जोन को खोला जाना सही नहीं
मेयर ने कहा है कि निगम और आसपास के क्षेत्रों में लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं. ऐसे में पूर्व में चिन्हित माइक्रो कंटेनमेंट जोन को खोला जाना एक बार फिर कोरोना वायरस के फैलने का कारण बन सकता है. सरकार को चाहिए था कि पहले सभी कंटेनमेंट क्षेत्रों में प्रत्येक व्यक्ति का थर्मल स्कैनिंग व जांच कराते. उसके बाद ही लॉकडाउन को समाप्त या ढील देने पर विचार किया जाता. आशा लकड़ा के मुताबिक लॉकडाउन में छूट दिये जाने के बाद भी वाहनों की सही तरीके से जांच नहीं हो रही है. दोपहिया वाहन पर दो-तीन व्यक्ति घूमते नजर आ रहे हैं. पुलिस पदाधिकारी शाम पांच बजे के बाद ही वाहनों की जांच कर रहे हैं.
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सरकार को अभी पानी पिलाने की आवश्यकता है न कि शराब परोसने की
आशा लकड़ा ने कहा कि उन्होंने पिछले 14 मई को राज्य सरकार को एक पत्र लिखा था. पत्र में सरकार को बताया गया था कि राज्य के सभी नगर निकाय कोरोना से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. ऐसे में सरकार को चाहिए कि सभी निकायों के मेयर और अध्यक्ष से कोरोना रोकथाम के लिए किये कार्यों की जानकारी लें. लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. सरकार को इस समय पानी पिलाने की आवश्यकता है न कि शराब परोसने की.
मेयर ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय आने वाले समय में कोरोना संक्रमण का एक बड़ा कारण बन सकता है. उन्होंने राज्य सरकार को सलाह देते हुए कहा कि अभी भी समय है. शराब को छोड़ सरकार पेयजल संकट के समाधान, बिना राशन कार्ड वालो को अनाज उपलब्ध कराने, प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार की व्यवस्था उपलब्ध कराने पर विचार करें. मेयर ने कहा कि आज की स्थिति में आम लोगों के समक्ष भूखमरी की स्थिति बनी है. ऑटो या ई-रिक्शा चलाने वाले, ठेला-खोमचा से अपना जीविकोपार्जन करनेवाले लोग काफी परेशान हैं.
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