न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

अविलंब सुनवाई के लिए मानदंड तय किये जायेंगे : सीजेआई रंजन गोगोई

जब तक किसी को फांसी पर न चढ़ाया जा रहा हो या घर से न निकाला जा रहा हो, कोई अन्य दूसरे मामले अविलंब सुनवाई के लिए मेंशन नहीं होंगे.

109

NewDelhi : भारत के नये चीफ जस्टिस जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि केसों के अविलंब उल्लेख और सुनवाई के लिए मानदंड तय किये जायेंगे. कहा कि जब तक किसी को फांसी पर न चढ़ाया जा रहा हो या घर से न निकाला जा रहा हो, कोई अन्य दूसरे मामले अविलंब सुनवाई के लिए मेंशन नहीं होंगे. जान लें कि सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई के शुरुआती 20 मिनट अविलंब सुनवाई के लिए रिजर्व रखे जाने की परपंरा रही है.  कल शपथ लेने के तुरंत बाद सीजेआई गोगोई ने कहा कि जब तक कुछ मानदंड तय नहीं कर लिये जाते, तब तक मामलों के अविलंब उल्लेख की अनुमति नहीं होगी. इस क्रम में कहा कि मानदंड तय हेांगे, उसके बाद देखेंगे कि कैसे मामलों का उल्लेख किया जा सकता है.

इसे भी पढ़ें : सीजेआई रंजन गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई

किसी को फांसी दी जा रही हो, तब हम अनिवार्यता समझ सकते हैं

चीफ जस्टिस ने उदाहरण दिया कि किसी को कल फांसी दी जा रही हो, तब हम अनिवार्यता समझ सकते हैं. बता दें कि चीफ जस्टिस की इस घोषणा का सर्वप्रथम असर ऐडवोकेट मैथ्यूज नेदुमपरा पर पड़ा, जो उन्हें बधाई देना चाहते थे.  चीफ जस्टिस ने कहा कि चलिए आगे बढ़ते हैं, इसकी कोई जरूरत नहीं है.  ऐडवोकेट प्रशांत भूषण की याचिका पर भी असर पड़ा,  जिसमें वह रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों को भारत से निकालने के मामले को अविलंब सुनवाई के लिए सूचीबद़ध कराना चाहते थे.  इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि इस मामले में पहले याचिका दाखिल कीजिए, फिर देखेंगे.

इसे भी पढ़ें :  मथुरा : कृष्ण का जन्म कहां हुआ, क्या वे भगवान थे? आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रमाण मांगा
palamu_12

 जस्टिस  रंजन गोगोई ने नया रोस्टर जारी कर दिया

जस्टिस रंजन गोगोई ने नया रोस्टर भी जारी कर दिया है.  अब नये रोस्टर के अनुसार ही सुप्रीम कोर्ट के जज मुकदमों की सुनवाई कर सकेंगे. नये रोस्टर  के तहत चीफ जस्टिस जनहित याचिकाओं (पीआईएल), रिट पिटीशन, सामाजिक न्याय से जुड़े मामलों, चुनाव से संबंधित मामलों और संवैधानिक पदों पर नियुक्ति से जुड़े मुद्दों समेत अन्य बड़े मामलों की सुनवाई करेंगे.  जस्टिस मदन बी लोकुर भी पीआईएल से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे.  चीफ जस्टिस के पास ही सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों को मुकदमे का आवंटन करने का जिम्मा हेागा.  नया रोस्टर प्रभावी हो गया है.  बता दें कि जस्टिस गोगोई ने जस्टिस दीपक मिश्रा के रोस्टर का अधिकांश हिस्सा जारी रखा है.

इस बीच पीएम मोदी ने बुधवार को जस्टिस रंजन गोगोई को सीजेआई का पद संभालने पर बधाई दी.  पीएम ने कहा कि उनके अनुभव और बुद्धिमत्ता से देश को लाभ होगा.  बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार सुबह 63 वर्षीय न्यायमूर्ति गोगोई को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: